सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड सिसवा के कार्यालय सभागार में बुधवार को समिति की सामान्य निकाय की बैठक समिति अध्यक्ष संजय राव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियों और चीनी मिलों के सुरक्षण एवं अभ्यर्पण प्रस्ताव पर मंथन के बीच गन्ना किसानों ने गड़ौरा चीनी मिल पर करोड़ों रुपये बकाया होने का आरोप लगाते हुए बड़ा निर्णय लिया। किसानों ने बकाया भुगतान नहीं होने तक गड़ौरा चीनी मिल को गन्ना आपूर्ति नहीं किए जाने का निर्णय लिया। बैठक में आयुक्त गन्ना एवं चीनी/निबंधक सहकारी गन्ना एवं चीनी मिल समितियां उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में आगामी पेराई सत्र के लिए चीनी मिलों के सुरक्षण एवं अभ्यर्पण प्रस्ताव पर चर्चा की गई। किसानों की गन्ना आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा समिति के कार्यों को व्यवस्थित करने से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। साधारण सभा में गत कार्यवाही की पुष्टि के साथ समिति परिसर में लगे पेड़ों की नीलामी तथा लंबे समय से खड़ी जीप और खराब स्क्रैप की नीलामी के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। एक अप्रैल 2026 से अब तक समिति की ओर से किए गए खर्चों का विवरण भी सदस्यों के समक्ष रखा गया। किसानों की सुविधाओं को लेकर फार्म मशीनरी बैंक के माध्यम से गन्ने की गुड़ाई के यंत्र और रिंग पिट डिगर मंगाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। आधुनिक कृषि उपकरणों की उपलब्धता और खेती में मशीनरी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। बैठक में मनोज सिंह, राजदेव यादव, दयाशंकर सिंह, चंद्रशेखर उर्फ लल्ले सिंह, मुक्तिनाथ सिंह, अशोक पटेल, घनश्याम शुक्ला, जितेंद्र बहादुर सिंह, राजेश उर्फ राजू सिंह, हासिम अंसारी, रामललित सिंह, गिरजेश पटेल, भोरिक यादव, राजेश्वर सिंह, उपेंद्र दूबे, आलोक रौनियार, सर्वजीत यादव, गोपाल यादव व कासिम अहमद समेत समिति पदाधिकारी, प्रबंध कमेटी सदस्य, सामान्य निकाय प्रतिनिधि, गन्ना विभाग के अधिकारी और संबंधित चीनी मिलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।





















