श्रावस्ती के जमुनहा ब्लॉक क्षेत्र में मधवापुर के पास राप्ती नदी पर बना बांध कुछ स्थानों पर कटान के कारण कमजोर हो गया है। मंगलवार 1:00 बजे ग्रामीणों ने बताया कि लगातार रुक रुक कर बारिश से बांध का कुछ हिस्सा कट गया है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन जोखिम भरा हो गया है। एक ओर गहरी खाई और दूसरी ओर राप्ती नदी के बीच बचा संकरा रास्ता ही ग्रामीणों के लिए आवागमन का एकमात्र सहारा है। ग्रामीणों के अनुसार, बांध का कटाव लगातार बढ़ रहा है। यदि आने वाले दिनों में राप्ती का जलस्तर बढ़ता है और नदी का बहाव तेज होता है, तो बांध के और अधिक क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। ऐसी स्थिति में आसपास के दर्जनों गांवों में जलस्तर बढ़ने पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त हिस्से की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। उनकी चिंता है कि मरम्मत में देरी से स्थिति और बिगड़ सकती है। इस संबंध में विभाग का कहना है कि बांध की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है और इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। युवा समाजसेवी ओमप्रकाश वर्मा और सुनील वर्मा सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि मरम्मत कार्य समय रहते पूरा किया जाए। इससे न केवल आवागमन सुचारु होगा, बल्कि राप्ती का जलस्तर बढ़ने पर आसपास के गांवों को संभावित बाढ़ के खतरे से भी बचाया जा सकेगा।
श्रावस्ती मे राप्ती नदी पर बांध कमजोर, आवागमन जोखिम भरा:बांध का कुछ हिस्सा खाई में तब्दील, जलस्तर बढ़ने पर बढ़ सकती हैं मुश्किलें
श्रावस्ती के जमुनहा ब्लॉक क्षेत्र में मधवापुर के पास राप्ती नदी पर बना बांध कुछ स्थानों पर कटान के कारण कमजोर हो गया है। मंगलवार 1:00 बजे ग्रामीणों ने बताया कि लगातार रुक रुक कर बारिश से बांध का कुछ हिस्सा कट गया है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन जोखिम भरा हो गया है। एक ओर गहरी खाई और दूसरी ओर राप्ती नदी के बीच बचा संकरा रास्ता ही ग्रामीणों के लिए आवागमन का एकमात्र सहारा है। ग्रामीणों के अनुसार, बांध का कटाव लगातार बढ़ रहा है। यदि आने वाले दिनों में राप्ती का जलस्तर बढ़ता है और नदी का बहाव तेज होता है, तो बांध के और अधिक क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। ऐसी स्थिति में आसपास के दर्जनों गांवों में जलस्तर बढ़ने पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त हिस्से की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। उनकी चिंता है कि मरम्मत में देरी से स्थिति और बिगड़ सकती है। इस संबंध में विभाग का कहना है कि बांध की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है और इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। युवा समाजसेवी ओमप्रकाश वर्मा और सुनील वर्मा सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि मरम्मत कार्य समय रहते पूरा किया जाए। इससे न केवल आवागमन सुचारु होगा, बल्कि राप्ती का जलस्तर बढ़ने पर आसपास के गांवों को संभावित बाढ़ के खतरे से भी बचाया जा सकेगा।


























