श्रावस्ती जनपद के गिलौला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंचीं। शिविर में महिलाओं की निःशुल्क खून की जांच और अल्ट्रासाउंड की सुविधा प्रदान की गई। जांच के बाद महिलाओं के स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा यादव ने गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, संतुलित पोषण, नियमित जांच और सुरक्षित प्रसव के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें आगे के उपचार और नियमित फॉलो-अप के लिए निर्देश भी दिए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराना है। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलती है। इस शिविर में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, आशा कार्यकर्ता और अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे, जिन्होंने महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं प्रदान कीं।
गिलौला सीएचसी में विशेष स्वास्थ्य शिविर:प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर गर्भवती महिलाओं की जांच
श्रावस्ती जनपद के गिलौला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंचीं। शिविर में महिलाओं की निःशुल्क खून की जांच और अल्ट्रासाउंड की सुविधा प्रदान की गई। जांच के बाद महिलाओं के स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा यादव ने गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, संतुलित पोषण, नियमित जांच और सुरक्षित प्रसव के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें आगे के उपचार और नियमित फॉलो-अप के लिए निर्देश भी दिए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराना है। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलती है। इस शिविर में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, आशा कार्यकर्ता और अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे, जिन्होंने महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं प्रदान कीं।




























