श्रावस्ती जनपद के इकौना तहसील क्षेत्र में स्थित जगरावल गढ़ी गांव में राप्ती नदी का कटान लगातार बढ़ रहा है। चार दिन पहले हुई बारिश के बाद कटाव में और तेजी आई है, जिससे गांव के अस्तित्व पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले साल भी राप्ती नदी के कटाव के कारण सैकड़ों बीघा कृषि भूमि नदी में समा गई थी। इस वर्ष भी तेजी से हो रहा कटाव ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। गांव को कटाव से बचाने के लिए कई साल पहले यहां एक बांध का निर्माण किया गया था। इसके साथ ही वाटरप्रूफिंग का कार्य भी कराया गया था, लेकिन इन प्रयासों के बावजूद राप्ती नदी का कटाव जारी है। स्थिति की गंभीरता इस बात से भी बढ़ जाती है कि जगरावल गढ़ी गांव को बाहरी क्षेत्रों से जोड़ने वाली मुख्य सड़क भी कटाव की चपेट में आ गई है। यदि कटाव इसी गति से जारी रहा, तो यह सड़क भी नदी में समा सकती है, जिससे गांव का बाहरी संपर्क टूट जाएगा। ग्रामीणों के मुताबिक, अब राप्ती नदी गांव से महज करीब 30 मीटर की दूरी पर रह गई है। अगर कटान इसी तरह लगातार जारी रहा, तो अगले दो दिनों में नदी गांव तक पहुंच सकती है और घरों का कटाव शुरू होने का खतरा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके पर पहुंचकर मजबूती से बांध बनवाने की मांग की है, ताकि राप्ती नदी के कटाव को रोका जा सके और गांव तथा ग्रामीणों के घरों को सुरक्षित बचाया जा सके।
श्रावस्ती में राप्ती नदी का कटान तेज:जगरावल गढ़ी गांव के अस्तित्व पर मंडराया खतरा
श्रावस्ती जनपद के इकौना तहसील क्षेत्र में स्थित जगरावल गढ़ी गांव में राप्ती नदी का कटान लगातार बढ़ रहा है। चार दिन पहले हुई बारिश के बाद कटाव में और तेजी आई है, जिससे गांव के अस्तित्व पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले साल भी राप्ती नदी के कटाव के कारण सैकड़ों बीघा कृषि भूमि नदी में समा गई थी। इस वर्ष भी तेजी से हो रहा कटाव ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। गांव को कटाव से बचाने के लिए कई साल पहले यहां एक बांध का निर्माण किया गया था। इसके साथ ही वाटरप्रूफिंग का कार्य भी कराया गया था, लेकिन इन प्रयासों के बावजूद राप्ती नदी का कटाव जारी है। स्थिति की गंभीरता इस बात से भी बढ़ जाती है कि जगरावल गढ़ी गांव को बाहरी क्षेत्रों से जोड़ने वाली मुख्य सड़क भी कटाव की चपेट में आ गई है। यदि कटाव इसी गति से जारी रहा, तो यह सड़क भी नदी में समा सकती है, जिससे गांव का बाहरी संपर्क टूट जाएगा। ग्रामीणों के मुताबिक, अब राप्ती नदी गांव से महज करीब 30 मीटर की दूरी पर रह गई है। अगर कटान इसी तरह लगातार जारी रहा, तो अगले दो दिनों में नदी गांव तक पहुंच सकती है और घरों का कटाव शुरू होने का खतरा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके पर पहुंचकर मजबूती से बांध बनवाने की मांग की है, ताकि राप्ती नदी के कटाव को रोका जा सके और गांव तथा ग्रामीणों के घरों को सुरक्षित बचाया जा सके।






























