पिछले दिनों आए चक्रवाती तूफान और बारिश से जनजीवन पर काफी असर पड़ा है। बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर और पेड़-पौधे क्षतिग्रस्त हुए। दो दिन बाद भी बिजली व्यवस्था पूरी तरह सुधर नहीं पाई है। जमदाशाही गांव के अब्दुल मजीद सेठ की सागौन की कई बाग बर्बाद हो गईं। मुशाहिद रजा ने बताया कि तूफान से हजारों सागौन के पेड़ टूटकर गिर गए, लाखों का नुकसान हुआ। गाऊंखोर, पुरैना, दसिया, पॉलिटेक्निक, पुरानी बस्ती, ब्योतहरा और बाघनगर के बिजली सब-स्टेशनों के जूनियर इंजीनियर, एसडीओ और लाइनमैन व्यवस्था बहाल करने में जुटे हैं। जूनियर इंजीनियर रामजगत ने बताया कि गाऊंखोर फीडर की एचटी और एलटी लाइन के 76 गिरे खंभों को बदलने का काम तेजी से चल रहा है। बड़े अधिकारियों के निर्देश पर जिन गांवों की बिजली ठीक हुई है, वहां सप्लाई शुरू कर दी गई है। रामजगत ने उपभोक्ताओं से मंगलवार तक धैर्य रखने की अपील की है, विभाग की टीम व्यवस्था ठीक करने में जुटी है।
चक्रवात से बिजली व्यवस्था ठप, हजारों सागौन के पेड़ बर्बाद:कर्मचारी पूरी ताकत से जुटे, मंगलवार शाम तक बहाल होगी सप्लाई
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