
बहराइच में ग्राम प्रधानों ने विकास कार्यों से जुड़ी फाइलों के लंबित रहने और मनरेगा सामग्री मद का भुगतान न होने पर विरोध जताया है। शनिवार को पंचायत विकास मंच के बैनर तले प्रधानों और ग्राम प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौंपा। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण की मांग की। मंच ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। पंचायत विकास मंच के संयोजक सूरज शुक्ला और सह संयोजक डॉ. श्याम चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने यह ज्ञापन सौंपा। पदाधिकारियों ने बताया कि ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में पंचायतों का कार्य देख रहे हैं, लेकिन विकास कार्यों से संबंधित कई पत्रावलियां सक्षम स्तर पर अनुमोदन के लिए लंबित हैं। मंच के अनुसार, इन पत्रावलियों के निस्तारण की कोई निश्चित समय-सीमा न होने के कारण पंचायतों में विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। प्रधानों ने मांग की है कि अनुमोदन के लिए प्रस्तुत पत्रावलियों की जांच और निस्तारण की स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी पत्रावली में कोई कमी या आपत्ति है, तो उसे अनिश्चितकाल तक लंबित रखने के बजाय संबंधित ग्राम पंचायत को समय पर स्पष्ट जानकारी दी जाए, ताकि कमियों को दूर कर फाइल दोबारा प्रस्तुत की जा सके। ज्ञापन में मनरेगा के वित्तीय वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के सामग्री मद के लंबित भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संयोजक सूरज शुक्ला ने जोर देकर कहा कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारभूत इकाई हैं। फाइलों के अनुमोदन और पूर्ण कार्यों के भुगतान में अनावश्यक देरी से विकास की गति बाधित हो रही है। ज्ञापन सौंपने वालों में ब्रजेन्द्र सिंह, राजेंद्र यादव, रंजीत दास, अरुणवीर सिंह, राजमणि, अभिषेक तिवारी, अफान खान, राज कुमार राव, सलीम अहमद, सलमान, मो. वसीम, मनोज कुमार मिश्रा, मतीउल्ला, राम छबीले यादव, इरफान अहमद, विनय कुमार वर्मा, अनिल कुमार सिंह और अवसान गिरी सहित कई अन्य प्रधान और प्रतिनिधि शामिल थे।
Home लेटेस्ट न्यूज़ बहराइच में प्रधानों ने लंबित फाइलों पर भेजा ज्ञापन:मनरेगा भुगतान, विकास कार्यों...























