
गुरुवार सुबह नगर पंचायत नगर बाजार में प्रशासनिक टीम ने नागरिक सुविधाओं, स्वच्छता और ठोस कचरा प्रबंधन की जमीनी हकीकत जानने के लिए औचक निरीक्षण किया। सुबह करीब छह बजे मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) कीर्ति प्रकाश भारती और उपजिलाधिकारी राजेश कुमार यादव के नेतृत्व में यह निरीक्षण हुआ। इससे नगर पंचायत कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण की शुरुआत वार्ड नंबर-2 संत रविदास नगर से हुई। अधिकारियों ने सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों, रैन बसेरा तथा मंदिर मार्ग की सफाई व्यवस्था देखी। उन्होंने घर-घर कूड़ा कलेक्शन और कचरा अलग करने की व्यवस्था भी जांची। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से सीधे बात कर नगर पंचायत की सुविधाओं और सफाई व्यवस्था पर फीडबैक लिया। इसके बाद अधिकारियों ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत चल रहे एमआरएफ सेंटर का निरीक्षण किया। यहां कचरे की छंटाई और निस्तारण की प्रक्रिया की गहराई से जांच की गई। वार्ड नंबर-9 और बाजार क्षेत्र में बड़े नालों की पूरी सफाई, नियमित झाड़ू और सार्वजनिक वाटर कूलरों में शुद्ध पीने के पानी की उपलब्धता भी देखी गई। जलभराव को लेकर अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया। निरीक्षण के दौरान उन जगहों की पहचान की गई, जहां जलभराव की आशंका रहती है। निर्माणाधीन नालों की जांच करते समय ठेकेदार और तकनीकी टीम को निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि नाला निर्माण तय मानकों और समय सीमा में पूरा होना चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि नाले पर बनी दुकानों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाए और कोई भी नाले पर अतिक्रमण न करे। सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती ने अधिशासी अधिकारी सृष्टि सिंह और सफाई नायकों को साफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सुबह की सफाई व्यवस्था और हर घर से कूड़ा उठाने में लापरवाही या ढिलाई मिलने पर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। निरीक्षण के दौरान मंडल कार्यक्रम प्रबंधक (एसबीएम-यू) अमरेंद्र प्रताप सिंह के साथ नगर पंचायत और प्रशासनिक टीम मौजूद रही।
































