सिद्धार्थनगर के खेसरहा क्षेत्र के भगतपुरवा गांव में मारपीट के मामले में घटना के करीब 146 दिन बाद कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना 20 अप्रैल की है। महिला ने पहले पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी। कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उसने कोर्ट में आवेदन किया। भगतपुरवा निवासी निशा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 20 अप्रैल की सुबह करीब 5:30 बजे गांव का मोहन पुत्र पारस तेज रफ्तार से बाइक चलाते हुए उसके पास से निकला। निशा ने इसका विरोध किया तो आरोप है कि मोहन ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। घर में घुसकर मारपीट का आरोप महिला के मुताबिक, शोर सुनकर मोहन के परिवार की शांति पत्नी पारस, रामकरन पुत्र छांगुर, श्रवण पुत्र छांगुर और लक्ष्मीना पुत्री पारस भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि सभी लोग निशा के घर में घुस गए और उसके तथा उसके ससुर पथराहे के साथ ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से मारपीट की। मारपीट में दोनों को चोटें आईं। आरोप है कि बीच-बचाव के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से चले गए। अगले दिन फिर पहुंचकर धमकी देने का आरोप निशा ने आरोप लगाया कि 21 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे मोहन दोबारा बाइक से उसके दरवाजे पर पहुंचा। यहां उसने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद महिला ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट का रुख किया। 12 अगस्त को कोर्ट ने दिया केस दर्ज करने का आदेश महिला के आवेदन पर कोर्ट ने 12 अगस्त 2026 को सुनवाई करते हुए खेसरहा थाने को मुकदमा दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के 32 दिन बाद 13 सितंबर को खेसरहा थाने में पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इनमें मोहन पुत्र पारस, शांति पत्नी पारस, रामकरन पुत्र छांगुर, श्रवण पुत्र छांगुर और लक्ष्मीना पुत्री पारस, सभी निवासी भगतपुरवा, थाना खेसरहा, सिद्धार्थनगर शामिल हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।




















