मुख्यमंत्री राहत निधि जरूरतमंद मरीजों के लिए सहारा बन रही है, ताकि पैसे की कमी इलाज में रुकावट न बने। बस्ती के महर्षि वशिष्ठ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय और ओपेक अस्पताल कैली में पहली बार मुख्यमंत्री राहत कोष की मदद से कूल्हा बदलने का सफल ऑपरेशन किया गया। रुधौली थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव के रहने वाले 46 साल के मो. नईम लंबे समय से कूल्हे की समस्या से जूझ रहे थे। गरीब होने की वजह से उनके लिए महंगे ऑपरेशन का खर्च उठाना मुश्किल था। ऐसे में मुख्यमंत्री राहत निधि से मिली आर्थिक सहायता ने उनके इलाज का रास्ता खोल दिया। मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपेडिक विभागाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार श्रीवास्तव की देखरेख में मरीज का कूल्हा बदलने का ऑपरेशन सफल रहा। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत स्थिर है। डॉक्टरों की देखरेख में उन्हें रोज 20 कदम चलाया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में मुख्यमंत्री राहत निधि के जरिए पहली बार कूल्हा बदलने जैसे जटिल ऑपरेशन का होना गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए अहम माना जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़े ऑपरेशन के लिए निजी अस्पतालों का महंगा खर्च उठाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मरीज मोहम्मद नईम ने बताया कि कूल्हा खराब होने के कारण उन्हें चलने में दिक्कत हो रही थी और तेज दर्द था। दो साल से लखनऊ में उनका इलाज चल रहा था, जहां डॉक्टरों ने कूल्हा बदलने की सलाह दी थी। लेकिन ज्यादा पैसे लगने की वजह से इलाज नहीं हो पाया। उन्होंने रुधौली क्षेत्र के विधायक राजेंद्र चौधरी से मिलकर अपनी पूरी बात बताई, जिनके सहयोग से ओपेक अस्पताल कैली में मुख्यमंत्री निधि से उनका निशुल्क सफल ऑपरेशन हुआ है। प्राइवेट में इस ऑपरेशन पर 5 लाख रुपये तक का खर्च आता है, जबकि सरकारी में यह 80 हजार रुपये तक में हो जाता है। प्रिंसिपल डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में मुख्यमंत्री राहत कोष की मदद से यह सफल ऑपरेशन हुआ है। मरीज की स्थिति अब पहले से ठीक है। इस दौरान एनेस्थीसिया के डॉक्टर अभिषेक बरनवाल, डॉ. नदीम, डॉ. कृष्ण मणि, डॉ. राकेश शुक्ला, स्टाफ नर्स सुधा यादव, हेमलता और सुनील मौजूद थे।
































