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श्रीधर वेम्बू और कुणाल कपूर ने एलन मस्क को सोशल मीडिया पर दिखाया आईना, कहा- भारत में मोनोपॉली नहीं चलती

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श्रीधर वेम्बू और कुणाल कपूर ने एलन मस्क को सोशल मीडिया पर दिखाया आईना, कहा- भारत में मोनोपॉली नहीं चलती

एएनआई, चेन्नई। भारत में स्टारलिंक की लाइसेंस प्रक्रिया को लेकर एलन मस्क की टिप्पणियों के बीच जोहो के सह-संस्थापक श्रीधर वेंबू ने उन्हें जवाब दिया है। वेंबू ने कहा कि भारत में सरकार एकाधिकार को बढ़ावा नहीं देती और प्रतिस्पर्धा के जरिये आम लोगों को सस्ती सेवाएं मिलती हैं।

उन्होंने अमेरिकी बाजार में चीनी इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों पर लगी पाबंदियों का हवाला देते हुए कहा कि इससे मस्क की कंपनी टेस्ला को भी फायदा मिलता है।

वेंबू ने शनिवार को इंटरनेट मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि भारत में इंटरनेट सेवाएं दुनिया में सबसे सस्ती सेवाओं में शामिल हैं। लोग बड़े डाटा प्लान के साथ दो सिम वाले फोन इस्तेमाल करते हैं और जरूरत पड़ने पर फोन के इंटरनेट से ही कंप्यूटर पर काम कर लेते हैं।

उन्होंने सस्ती डाटा सेवाओं का श्रेय रिलायंस जियो की शुरुआत से बढ़ी प्रतिस्पर्धा को दिया।

वेंबू ने दवाओं की कम कीमतों और यूपीआइ से होने वाले सस्ते डिजिटल भुगतान का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इन उदाहरणों से पता चलता है कि प्रतिस्पर्धा का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका में चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर भारी शुल्क और नियामकीय प्रतिबंधों से टेस्ला को प्रतिस्पर्धा से राहत मिलती है।

वेंबू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि स्टार्टअप को बढ़ावा देने और प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था बनाने से भारतीय कंपनियों को नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर मिला है।

उन्होंने कम लागत वाले राकेट विकसित करने में भारतीय स्टार्टअप की प्रगति का भी जिक्र किया। अभिनेता कुणाल कपूर ने भी मस्क के रवैये पर सवाल उठाए।

आईएएनएस के अनुसार, उन्होंने इसे पश्चिमी तकनीकी अरबपतियों की उस मानसिकता का उदाहरण बताया, जिसमें वे दूसरे देशों में बदलाव लाने का दावा करते हैं, लेकिन स्थानीय संस्थाओं के विरोध पर नाराजगी जताते हैं।

कुणाल के मुताबिक, औपनिवेशिक मानसिकता का अर्थ हमेशा किसी देश पर शासन करना नहीं होता। कभी-कभी यह मान लेना भी इसका हिस्सा है कि कोई व्यक्ति दूसरे देश में उद्धारकर्ता बनकर पहुंचा है और यदि उसे तुरंत स्वीकार नहीं किया जाता, तो गलती उसी देश की है।

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