*पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह* के निर्देशन में “मिशन शक्ति” अभियान के क्रम में *अपर पुलिस अधीक्षक श्री विशाल पाण्डेय* के पर्यवेक्षण में पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित *परिवार परामर्श केंद्र* में पारिवारिक विवादों के निस्तारण हेतु बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में जनपद के विभिन्न थानों से प्राप्त हुए पारिवारिक/दाम्पत्य विवादों से संबंधित पत्रावलियां विचारार्थ प्रस्तुत की गयीं, जिनमें से 06 पत्रावलियों का दोनों पक्षों की उपस्थिति में गहन काउंसलिंग कर सफल निस्तारण कराया गया। परामर्शदाताओं द्वारा दोनों पक्षों को अलग-अलग एवं संयुक्त रूप से सुनकर उनके बीच उत्पन्न मनमुटाव, गलतफहमियों एवं छोटी-छोटी बातों को लेकर उत्पन्न विवादों को सहानुभूतिपूर्ण तरीके से समाप्त कराया गया।निस्तारण के दौरान दोनों पक्षों को महिला संबंधी कानूनों, घरेलू हिंसा अधिनियम, भरण-पोषण एवं बच्चों के भविष्य के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई तथा उन्हें यह एहसास दिलाया गया कि टूटता हुआ परिवार न केवल पति-पत्नी बल्कि पूरे परिवार व बच्चों के भविष्य को प्रभावित करता है।
सभी मामलों में उभय पक्षों ने अपनी पिछली गलतियों पर खेद व्यक्त करते हुए भविष्य में आपसी सामंजस्य, प्रेम एवं सौहार्द के साथ जीवन यापन करने की शपथ ली।
*परिवार परामर्श केंद्र में निस्तारित प्रमुख पत्रावलियां*
1. बिट्टा बनाम प्रभूनाथ निवासी थाना ललिया, जनपद बलरामपुर।
2. ठाकुर प्रसाद बनाम लवकुश निवासी थाना म0तराई जनपद बलरामपुर।
3. नूरजहां बनाम मो0शम्स निवासी थाना को0 गैसड़ी जनपद बलरामपुर।
4. सारिका सिंह बनाम राजन सिंह निवासी थाना गौरा चौराहा जनपद बलरामपुर।
5. निशा बनाम दीपक आदि निवासी थाना को0 देहात जनपद बलरामपुर।
6. यशस्वी सिंह बनाम राज प्रताप सिंह निवासी थाना सादुल्लानगर जनपद बलरामपुर।
इस सराहनीय कार्य में परिवार परामर्श केंद्र के परामर्शदाता श्री अरुण कुमार यादव, श्री देवतादीन दूबे, श्रीमती तनवीर जहां, श्रीमती वंदना मिश्रा तथा प्रभारी परिवार परामर्श केंद्र/थानाध्यक्ष महिला थाना श्रीमती पूनम यादव एवं महिला आरक्षी ज्योति, महिला आरक्षी पूजा गुलअफशां बानो का विशेष एवं सराहनीय योगदान रहा।
*बलरामपुर पुलिस द्वारा आमजन से अपील की जाती है कि किसी भी प्रकार के पारिवारिक विवाद होने पर तत्काल परिवार परामर्श केंद्र, कार्यालय पुलिस अधीक्षक, बलरामपुर में संपर्क करें, ताकि ससमय पारिवारिक विवादों/मामलों का समाधान कर निस्तारण किया जा सके।*

















































