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जनगणना-2027 के द्वितीय चरण का कार्य 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक

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नागरिकों की सुविधा के लिए ’16 नवंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी

 

‘‘चलो निभाऐं अपनी जिम्मेदारी, करें जनगणना में भागीदारी। हर शहर, हर ग्राम छूटे न कोई नाम’’

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श्रावस्ती 02 अक्टूबर, 2026/सू0वि0/जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के तहत जनसंख्या की गणना को सुचारु, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से गुरूवार को जिलाधिकारी/प्रमुख जनगणना अधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश की सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय स्थिति से संबंधित महत्वपूर्ण आधारभूत आंकड़े उपलब्ध कराने वाली राष्ट्रीय प्रक्रिया है। अतः सभी संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक अपने दायित्वों को पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निभाएं। उन्होंने प्राप्त जानकारी को फील्ड स्तर पर संबंधित गणना कर्मियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा किसी भी प्रकार की शंका अथवा कठिनाई होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका समाधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “हर शहर, हर गांव छूटे न कोई नाम” की भावना के अनुरूप जनगणना कार्य को पूरी निष्पक्षता, सावधानी एवं निर्धारित मानकों के अनुसार संपन्न कराया जाए। किसी भी व्यक्ति अथवा परिवार की गणना छूटने न पाए तथा उपलब्ध कराई जा रही सूचनाओं की गोपनीयता का पूर्ण ध्यान रखा जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि देश के भविष्य की योजनाओं, नीतियों एवं विकास की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण आधार है। जनगणना से प्राप्त आंकड़े विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं तथा सामाजिक-आर्थिक नीतियों के निर्माण एवं क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए प्रत्येक प्रगणक जनगणना की प्रक्रिया के साथ आमजन को इसके महत्व एवं उपयोगिता की जानकारी भी दें। पेंशन, राशन कार्ड सहित अनेक सरकारी योजनाओं की जरूरतों एवं पात्र लाभार्थियों के आकलन में जनगणना के आंकड़े उपयोगी होते हैं। जितने सही और गुणवत्तापूर्ण आंकड़े उपलब्ध होंगे, योजनाओं का नियोजन उतना ही बेहतर होगा। जिलाधिकारी ने स्व-गणना (ैमस िम्दनउमतंजपवद) को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिक से अधिक शिक्षित, युवा वर्ग को अपने तथा अपने परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज करने के लिए प्रेरित किया जाए। विद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों, एनजीओ एवं सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाने तथा गांवों एवं वार्डों में स्व-गणना का डेमो कराने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, जाति, दिव्यांगता, साक्षरता, आर्थिक गतिविधि, प्रवास, स्वास्थ्य एवं अन्य सामाजिक-आर्थिक सूचनाओं को सावधानीपूर्वक दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रगणकों को निर्देशित किया कि “जनगणना क्यों जरूरी है और इसका लाभ आमजन को कैसे मिलेगा” यह बात भी प्रत्येक परिवार को समझाएं। सभी अधिकारी-कर्मचारी टीम भावना से कार्य करते हुए जनपद श्रावस्ती को बेहतर प्रदर्शन करने वाले जनपदों में शामिल कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करें।

 

 

अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) ललित कुमार ने बताया कि फील्ड ट्रेनरों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 07 से 09 अक्टूबर तथा 12 से 14 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से फील्ड स्तर पर कार्य करने वाले कार्मिकों को जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की प्रक्रिया एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि ’जनगणना के द्वितीय चरण में प्रत्येक व्यक्ति से कुल 40 प्रश्न पूछे जाएंगे यथा ’मूलभूत जानकारी (प्रश्न 1-3)’ नाम, परिवार के सदस्य से संबंध एवं लिंग। जनसांख्यिकीय विशेषताएं (प्रश्न 4-8)’ जन्म तिथि, आयु, वैवाहिक स्थिति, पति/पत्नी एवं राष्ट्रीयता। ’सामाजिक विशेषताएं (प्रश्न 9-13)’ धर्म, अनुसूचित जाति/जनजाति/जाति, पिता, माता एवं दिव्यांगता संबंधी जानकारी। भाषा एवं शिक्षा (प्रश्न 14-17) मातृभाषा, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता एवं शिक्षा। आर्थिक गतिविधियां (प्रश्न 18-25)’ कार्य की स्थिति, गतिविधि की श्रेणी, व्यवसाय, उद्योग, कामगार की श्रेणी एवं गैर-आर्थिक गतिविधियां। प्रवास (प्रश्न 26-30)’ जन्म स्थान, अंतिम निवास स्थान, प्रवास का कारण, अवधि एवं स्थायी पता। ’प्रजनन संबंधी जानकारी (प्रश्न 31-33)’ जीवित बच्चों की संख्या, कभी जन्मे बच्चों की संख्या एवं पिछले वर्ष जन्मे बच्चे। ’अन्य विवरण (प्रश्न 34-40)’ कोविड टीकाकरण, बैंक खाता, मोबाइल, आधार, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट एवं ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी जानकारी। इन प्रश्नों के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत, जनसांख्यिकीय, सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक, प्रवास, प्रजनन तथा अन्य आवश्यक जानकारियां संकलित की जाएंगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों एवं कार्मिकों को द्वितीय चरण में की जाने वाली जनसंख्या की गणना, गणना प्रपत्रों, आवश्यक दिशा-निर्देशों तथा फील्ड स्तर पर अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में फील्ड ट्रेनरों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि जनगणना कार्य के दौरान प्रत्येक परिवार एवं प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित निर्धारित सूचनाओं का सही एवं सावधानीपूर्वक संकलन किया जाए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद, परियोजना निदेशक अजय कुमार, जनगणना प्रभारी उप जिलाधिकारी निशान्त उपाध्याय सहित सम्बन्धित अधिकारीगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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