राहुल प्रताप सिंह | फरेन्दा (महराजगंज), महराजगंज2 घंटे पहले
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वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. निशांत त्रिपाठी ने सक्रिय राजनीति में आने का फैसला किया है। उन्होंने केंद्र सरकार की 19 साल पुरानी सरकारी नौकरी छोड़ दी है। अब वे अपना पूरा जीवन समाज सेवा को समर्पित करेंगे।
डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि वे 2027 में फरेंदा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। उनका पैतृक गांव विशुनपुर अदरौना भी इसी इलाके में आता है।
डॉ. निशांत त्रिपाठी का कहना है कि उनका मकसद सिर्फ सत्ता या पद पाना नहीं है। वे उन लोगों की आवाज बनना चाहते हैं, जिनकी बात अक्सर दब जाती है। उन्होंने मीडिया से कहा, “धनबल और बाहुबल से रावण राजा बन सकता है, रामराज नहीं। मैं रामराज स्थापित करने आया हूं।”
गोरखपुर के बेतियाहाता में मौजूद ऐतिहासिक कमला निवास एक बार फिर जनसेवा का केंद्र बनेगा। यह सिर्फ एक मकान नहीं, बल्कि इतिहास का गवाह है।
इस कमला निवास में पहले देश के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम, पूर्व केंद्रीय रक्षा मंत्री वी. के. कृष्ण मेनन और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी जैसे बड़े नेता आ चुके हैं।
एक समय यह जगह राजनीतिक चर्चा, सामाजिक सरोकार और लोगों के मुद्दों पर बातचीत का मुख्य केंद्र थी। डॉ. निशांत त्रिपाठी इसी विरासत को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
डॉ. निशांत त्रिपाठी का परिवार कई दशकों से सामाजिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़ा रहा है। वे कहते हैं, “विरासत मेरे लिए पहचान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है।”
उनकी प्राथमिकता गरीब, वंचित और पीड़ित लोगों की समस्याओं को सही मंच तक पहुंचाना है। वे संवैधानिक और प्रशासनिक तरीकों से उनके समाधान में मदद करेंगे। डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि उनके पास आने वाले व्यक्ति की आर्थिक या सामाजिक स्थिति मायने नहीं रखेगी, बल्कि उसकी समस्या और जरूरत सबसे अहम होगी।

































