
कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग से सटे इलाकों में रात की बिजली कटौती (रोस्टिंग) से लोगों की जान को खतरा बढ़ गया है। अंधेरे का फायदा उठाकर जंगली जानवर आबादी वाले क्षेत्रों में घुसकर हमला कर रहे हैं। हाल ही में एक तेंदुए के हमले में 9 साल के बच्चे की मौत हो गई। यह घटना 7 सितंबर 2026 की रात को ग्राम आनंद नगर वडखड़िया में हुई। तेंदुए ने 9 साल के बच्चे पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। परिवार और ग्रामीण बच्चे को सीएचसी सुजौली ले गए, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके के लोगों में काफी गुस्सा है। ग्रामीणों ने रात में हो रही बिजली कटौती पर नाराजगी जताई है और इसे दिन में करने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नानपारा के बिजली वितरण खंड के अधिशासी अभियंता ने लखीमपुर खीरी के बिजली पारेषण खंड के अधिशासी अभियंता को एक पत्र लिखा है। 8 सितंबर 2026 को लिखे इस पत्र (पत्रांक 4664) में बताया गया है कि 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र कैलाशपुरी पर आधी रात के बाद और सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे तक सामान्य बिजली सप्लाई होती है। हालांकि, शाम 6 बजे के बाद 132 केवी पारेषण उपकेंद्र धौरहरा, लखीमपुर खीरी से कैलाशपुरी फीडर की बिजली कटौती की जाती है। रात में बिजली न होने से पूरे वन क्षेत्र में हाथी, बाघ और तेंदुए जैसे जानवरों का खतरा बढ़ जाता है। इसी कारण हिंसक घटनाएं भी बढ़ गई हैं। अधिशासी अभियंता ने मांग की है कि 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र कैलाशपुरी की रात की बिजली कटौती को बदलकर सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे के बीच किया जाए। इससे वन्य जीवों से होने वाली घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।






































