मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश की माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक मानदेय संघर्ष समिति ने प्रदेश के वित्तविहीन शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों के लिए संतोषजनक मानदेय और सेवा नियमावली लागू करने की मांग उठाई है। समिति की ओर से मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया है।ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश के माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक और अन्य कर्मचारी लंबे समय से अपनी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार की मांग कर रहे हैं।
समिति ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि शिक्षकों और कर्मचारियों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उनके लिए सम्मानजनक मानदेय तथा सेवा नियमावली की घोषणा की जाए। समिति ने ज्ञापन में प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षा और प्रदेश के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की जनता के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान का प्रयास किया जा रहा है, उसी प्रकार माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के लिए भी मानदेय और सेवा नियमावली की घोषणा की जानी चाहिए।
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ज्ञापन में समिति ने चेतावनी भी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संघर्ष समिति को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।समिति ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रदेश के माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए संतोषजनक मानदेय और सेवा नियमावली जल्द से जल्द लागू की जाए, ताकि वर्षों से कार्य कर रहे शिक्षकों और कर्मचारियों को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा मिल सके।ज्ञापन पर माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक मानदेय संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों और सदस्यों के हस्ताक्षर भी किए गए हैं। ज्ञापन की तारीख 9 सितंबर 2026 अंकित है।







































