UP: गाजीपुर की पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश राम अवतार प्रसाद की अदालत ने दोषी रोहित यादव को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं अपहरण के अपराध में भी उसे 5 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया है।
अदालत के इस फैसले को बाल अपराधों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है। मामले में शासकीय अधिवक्ता रामकुमार राय के अनुसार मामला सैदपुर थाना क्षेत्र का है। वर्ष 2021 में एक नाबालिग बालिका, जो अपने नाना के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी, उसे अभियुक्त रोहित यादव बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया था। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर सैदपुर थाना में मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने 14 सितंबर 2021 को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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विवेचना पूरी होने के बाद मामला पॉक्सो कोर्ट में चला, जहां अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह प्रस्तुत किए गए। सभी गवाहों ने घटना का समर्थन किया। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा 40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा अपहरण के अपराध में भी पांच वर्ष की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
बाइट: राम कुमार राय, शासकीय अधिवक्ता, पॉक्सो कोर्ट गाजीपुर।








































