मिठौरा-चौक मार्ग पर सड़क किनारे उगी घनी नरकट और झाड़ियों ने राहगीरों की मुश्किल बढ़ा दी थी। अंधे मोड़ के पास बने पुल की हालत सबसे ज्यादा खराब थी। झाड़ियों ने पुल को लगभग ढक लिया था, जिससे वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहन तो दूर, पुल का भी ठीक से पता नहीं चल पाता था। इससे हादसे की आशंका बनी हुई थी। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद बुधवार को सड़क की सफाई का काम शुरू हो गया। सोनल से लेदवा तक दो जेसीबी मशीनों की मदद से झाड़ियों और नरकट को हटाया जा रहा है। सफाई शुरू होने से राहगीरों ने राहत की सांस ली है। झाड़ियों ने ढक दिया था सड़क का किनारा मिठौरा-चौक मार्ग पर काफी हिस्से में सड़क किनारे नरकट और झाड़ियां घनी हो गई थीं। धीरे-धीरे इनका फैलाव सड़क के किनारे से आगे तक हो गया था। इससे वाहन चालकों को सड़क का किनारा स्पष्ट दिखाई नहीं देता था। कई जगह झाड़ियों की वजह से सड़क संकरी नजर आने लगी थी। पुल दिखाई न देने से बढ़ा था खतरा अंधे मोड़ के पास बने पुल के आसपास झाड़ियों की स्थिति बेहद खराब थी। घनी झाड़ियों ने पुल को लगभग ढक लिया था। ऐसे में सामने से आने वाले वाहन और पुल का रास्ता दोनों स्पष्ट नजर नहीं आते थे। वाहन चालकों को अचानक पुल सामने आने पर परेशानी हो सकती थी। इससे हादसे का खतरा बना हुआ था। जहरीले जीव-जंतुओं का भी डर घनी झाड़ियों के बीच जहरीले जीव-जंतुओं और जंगली जानवरों के छिपे होने की आशंका भी राहगीरों को परेशान करती थी। दिन के मुकाबले रात में यह खतरा और बढ़ जाता था। लोगों का कहना था कि सड़क के किनारे इतनी घनी झाड़ियां होने से किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। राहगीरों ने उठाई थी सफाई की मांग सड़क की खराब स्थिति और झाड़ियों की समस्या को लेकर स्थानीय राहगीरों सीताराम, सतदेव, सुग्रीव, राकेश साहनी, कुमार, राजन चौधरी, विशाल, रामदेव साहनी और विजय जायसवाल ने सफाई की मांग की थी। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से सड़क किनारे उगी झाड़ियों को हटवाने की अपील की थी, ताकि आवागमन सुरक्षित हो सके। जिला अभियंता ने दिया था भरोसा मामले में प्रथम खंड के जिला अभियंता राजकुमार मिश्रा से फोन पर बात की गई थी। उन्होंने जूनियर इंजीनियर से मौके की जांच कराने और इसके बाद सफाई करवाने का भरोसा दिया था। इसके बाद बुधवार को सड़क पर सफाई अभियान शुरू कर दिया गया। दो JCB से सोनल-लेदवा तक सफाई बुधवार को मौके पर पहुंची टीम ने सोनल से लेदवा तक सफाई अभियान शुरू पाया। दो जेसीबी मशीनें सड़क किनारे उगी नरकट और झाड़ियों को हटाने में जुटी हैं। सफाई शुरू होने के बाद राहगीरों ने राहत महसूस की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क की नियमित रूप से सफाई कराई जाए, ताकि दोबारा झाड़ियां सड़क और पुल को न ढक सकें और हादसों का खतरा न बढ़े।
पति की हत्या कर लाश नदी में फेंकी, ई-रिक्शा को पुल...
सिद्धार्थनगर: जिले में ई-रिक्शा चालक हरिश्चंद्र की सनसनीखेज हत्या के मामले का स्थानीय पुलिस ने मंगलवार को औपचारिक खुलासा कर दिया है। पुलिस पड़ताल...





































