
बुधवार को भारतीय किसान संघ ने कैसरगंज (बहराइच) ब्लॉक में किसानों की अलग-अलग समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। ब्लॉक अध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह की अगुवाई में बड़ी संख्या में किसान ब्लॉक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को ज्ञापन सौंपा और किसानों की मांगों को जल्द लागू करने की मांग की। भारतीय किसान संघ ने ज्ञापन में किसानों से जुड़े कई जरूरी मुद्दे उठाए। किसानों ने गन्ने का दाम बढ़ाकर ₹500 प्रति क्विंटल करने की मांग की। उनका कहना था कि बढ़ती लागत के बीच उन्हें अपनी उपज का सही दाम मिलना चाहिए। इसके साथ ही किसान सम्मान निधि में राज्य सरकार से अतिरिक्त मदद देने की मांग भी की गई। किसानों ने मांग की कि उनकी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर पूरी तरह से हो। इसके लिए एक मजबूत कानून बनाया जाए। किसानों का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, ऐसे में उपज का सही दाम न मिलने से खेती करना मुश्किल हो रहा है। ज्ञापन में किसानों के निजी नलकूपों के बिजली कनेक्शन पूरी तरह मुफ्त करने की मांग भी शामिल थी। इसके अलावा, भूमि अधिग्रहण कानून को किसान-हितैषी बनाने और परियोजनाओं के लिए ली जाने वाली जमीन का सही मुआवजा दिलाने की मांग की गई। किसानों ने यह भी मांग की कि भूमि अधिग्रहण के बाद मिलने वाला मुआवजा बाजार भाव के हिसाब से बढ़ाया जाए। इससे जमीन गंवाने वाले किसानों को आगे चलकर आर्थिक दिक्कत न हो। साथ ही, सड़क, रेल और दूसरे विकास कामों में खेतों तक पहुंचने के रास्ते बंद न हों, इसके लिए दूसरे रास्तों का इंतजाम करने की मांग भी की गई। ज्ञापन में चकबंदी प्रक्रिया में किसान हित में आवश्यक बदलाव, प्रभावित किसानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर उचित मुआवजा दिलाने तथा किसानों के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए भूमि अधिग्रहण आयोग और किसान फास्ट ट्रैक न्यायालय स्थापित करने की मांग भी उठाई गई।
सिर्फ आश्वासन नहीं, मांगों पर हो अमल
भारतीय किसान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन खेती से जुड़ी अनेक समस्याओं के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गन्ने का रेट ₹500 प्रति क्विंटल करने सहित ज्ञापन में शामिल सभी मांगों को जल्द लागू किया जाए।
किसानों ने स्पष्ट कहा कि उनकी मांगों पर केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।





































