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निषाद पार्टी ने SC सूची में शामिल करने की मांग:मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर विमुक्त जनजातियों को आरक्षण देने की अपील

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निषाद पार्टी ने SC सूची में शामिल करने की मांग:मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर विमुक्त जनजातियों को आरक्षण देने की अपील

निषाद पार्टी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी शोहरतगढ़ को सौंपा है। 31 अगस्त 2026, सोमवार को सौंपे गए इस ज्ञापन में विमुक्त जनजाति (DNT) और निषाद वंश की उपजातियों को अनुसूचित जाति (SC) की सूची में शामिल करने की मांग की गई है। पार्टी ने आगामी जातिगत जनगणना में इन समुदायों के पर्यायवाची नाम ‘मंझवार (D.T.)’ को उचित रूप से दर्ज करने का भी आग्रह किया है। ज्ञापन में बताया गया है कि ब्रिटिश शासन ने 1871 में ‘क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट’ लागू कर इन जातियों को आपराधिक घोषित कर दिया था। यह कानून 1952 में समाप्त कर दिया गया था, लेकिन इसके कारण ये समुदाय आज भी सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ेपन का सामना कर रहे हैं। 1931 की जनगणना में कछवार, मल्लाह, निषाद, बिंद, मंझवार, कश्यप, तुरहा आदि जातियों का स्पष्ट उल्लेख था। हालांकि, वर्तमान में इन्हें विभिन्न राज्यों में अलग-अलग दर्जा प्राप्त है। दिल्ली और पश्चिम बंगाल में इन्हें अनुसूचित जाति का दर्जा मिला है, जबकि उत्तर प्रदेश में इन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की श्रेणी में रखा गया है, जिससे असमानता बनी हुई है। ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली मांग यह है कि उत्तर प्रदेश में मंझवार और उसकी सभी पर्यायवाची जातियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल किया जाए। दूसरी मांग में देश के अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी निषाद जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की बात कही गई है। तीसरी मांग जस्टिस राजेंद्र सच्चर समिति (2000-02) की सिफारिशों का पालन करते हुए विमुक्त जनजातियों को शिक्षा, रोजगार और राजनीति में आरक्षण प्रदान करने से संबंधित है। इसके अतिरिक्त, 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए लोगों के गांवों को ‘आदर्श शहीद गांव’ घोषित करने की मांग भी शामिल है। निषाद पार्टी ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे इस वंचित समुदाय के साथ ऐतिहासिक न्याय करें। यह मांग सदियों से चले आ रहे सामाजिक भेदभाव को समाप्त कर समान अधिकार दिलाने की लड़ाई है, जिससे देश में सच्ची समानता और सामाजिक न्याय स्थापित हो सके

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