तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने धानी बाजार में विधायक निधि से लगी लाखों रुपये की स्ट्रीट लाइटों की पोल खोल दी। अत्यधिक बारिश के कारण तीन स्ट्रीट लाइट पोल जमीन पर गिर गए, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि गिरे हुए पोलों पर लगी तिरंगा लाइटें देर तक जलती रहीं। बाजार के बीच सड़क किनारे बिजली चालू रहने से लोगों में दहशत फैल गई और बड़े हादसे की आशंका बनी रही। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों का आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद समय पर कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। लोगों का कहना है कि कई बार जेई आर.के. गौतम को फोन किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इससे लोगों में बिजली विभाग की कार्यशैली को लेकर नाराजगी बढ़ गई। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पोल जमीन पर गिर चुका था और बिजली चालू थी, तब उसे तत्काल बंद क्यों नहीं किया गया? यदि किसी बच्चे, राहगीर या दुकानदार को करंट लग जाता, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता? लोगों ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए विभाग की उदासीनता पर सवाल उठाए हैं। जेई आर.के. गौतम ने कहा कि स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव बिजली विभाग नहीं करता है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि सूचना मिलने के बाद एहतियातन स्ट्रीट लाइट का बिजली कनेक्शन कटवाया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। बारिश के बीच गिरे पोलों में बिजली चालू रहने की घटना ने धानी बाजार में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने तत्काल गिरे पोल हटाने, पूरे बाजार की स्ट्रीट लाइटों की जांच कराने और जिम्मेदार एजेंसी पर कार्रवाई की मांग की है।
धानी बाजार में अत्यधिक बारिश से तीन स्ट्रीट पोल गिरे:गिरने के बाद भी जलती रही लाइट, हादसे का खतरा बना
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