![]()
श्रीदत्तगंज क्षेत्र में नवरात्रि के पहले दिन मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी। यहां खास तरीके से मां शैलपुत्री की पूजा हुई। स्थानीय पंडित जी ने बताया कि पर्वतराज हिमालय के यहां जन्म लेने के कारण ही माता का नाम ‘शैलपुत्री’ पड़ा। पुरानी कहानियों के मुताबिक, माता सती ने प्रजापति दक्ष के यज्ञ में प्राण त्यागे थे। उन्होंने हिमालय के यहां फिर से जन्म लिया। नवरात्रि के पहले दिन इन्हीं के शक्ति स्वरूप की पूजा होती है। मां शैलपुत्री स्थिरता और मजबूत इरादों का प्रतीक हैं। पंडित जी ने बताया, इनकी पूजा से मन की शांति, हिम्मत और ऊर्जा मिलती है। पहले दिन माता को सफेद चीजें और गाय का घी चढ़ाने का नियम है, जिससे भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और अच्छी सेहत आती है। इस दिन महदेइया बाजार में काफी रौनक दिखी। सुबह से ही पूजा-सामग्री, फल और फूलों की दुकानों पर भीड़ लगी रही। बाजार का माहौल भक्ति और उत्साह से भरा था। पंडित जी ने पर्व का महत्व बताया और शुभकामनाएं दीं।
“खबर वही, जो सबसे पहले आप तक पहुँचे!
भारत की अपनी खबर, आपके अपने अंदाज़ में
📲 ब्रेकिंग • लोकल • ट्रेंडिंग खबरों के लिए अभी जुड़ें:
👉 https://t.co/g7ivX40QAKऔर पढ़ें› निष्पक्ष जांच पर ‘प्रशासनिक ग्रहण’: करमहिया की फर्जी हाजिरी पर लीपापोती, बड़हरा चरगहां में आनन-फानन में निलंबन › बसूली माता मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़:नवरात्रि के दूसरे दिन दर्शन के लिए उमड़ा भक्तों का सैलाब, लगे जयकारे › नेपाल में बाढ़ से नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ा, महराजगंज में हाई अलर्ट; तटवर्ती इलाकों में NDRF और PAC तैनात › मेढउवा में मां दुर्गा प्रतिमा स्थापित:नवरात्र पर रामलीला शुरू, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, कलाकारों ने मन मोहा“आपकी खबर, आपका MNT”
https://t.co/vwEVHjJMzQ https://t.co/z3JMz4j0Td
— Mnt News Bharat (@mntnewsbharat) October 5, 2026















