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बहराइच में मारपीट के मामले में 7 साल की सजा:ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत फैसला; पुराने विवाद में महिला से लाठी-डंडों से मारपीट का मामला

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बहराइच में मारपीट के मामले में 7 साल की सजा:ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत फैसला; पुराने विवाद में महिला से लाठी-डंडों से मारपीट का मामला

बहराइच में मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में अदालत ने एक दोषी को सात साल की जेल की सजा सुनाई है। उस पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैली रॉय की अदालत ने यह फैसला सुनाया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत हुई। अभियान का उद्देश्य चिन्हित मुकदमों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाना है। बहराइच में पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में मामले की पैरवी की गई। पुराने विवाद में घर पहुंचकर की थी मारपीट मामला हुजूरपुर थाना क्षेत्र के लोधनपुरवा गांव का है। पूनम देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 18 अक्टूबर 2020 को दोपहर करीब एक बजे बड़कऊ पुत्र मनोरथ, संजय पुत्र बड़कऊ और छोटू पुत्र बाबू उनके दरवाजे पर पहुंचे थे। आरोप था कि पुराने विवाद को लेकर तीनों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। पूनम की मां बुधना पत्नी विश्राम ने विरोध किया तो उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई। 2020 में दाखिल हुआ था आरोपपत्र मामले में हुजूरपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 388/2020 के तहत आईपीसी की धारा 307, 323, 504 और 506 में केस दर्ज किया गया था। तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक संजय अग्निहोत्री ने साक्ष्य जुटाने और गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद 29 नवंबर 2020 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। अदालत ने 30 सितंबर 2021 को आरोपों पर विचारण किया। तीन धाराओं में दोषी ठहराया अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के बाद अदालत ने बड़कऊ पुत्र मनोरथ, निवासी खरचहा, थाना हुजूरपुर, बहराइच को आईपीसी की धारा 323, 504 और 506 के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। इनकी रही प्रभावी भूमिका मामले में पुलिस कार्यालय की मॉनिटरिंग सेल, हुजूरपुर थाना पुलिस, अभियोजक सुनील कुमार जायसवाल (एडीजीसी), कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल दिनकर यादव और थाना पैरोकार कांस्टेबल अनूप कुमार की प्रभावी भूमिका रही।

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