सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परतावल में डॉक्टरों की निगरानी में एक गर्भवती महिला का सफल ऑपरेशन कर सुरक्षित प्रसव कराया गया। पिछली गर्भावस्था में बच्चे की मौत होने के कारण इस बार महिला को विशेष निगरानी में रखा गया था। 37 सप्ताह की गर्भावस्था पूरी होने पर 16 सितंबर को स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी सिंह ने ऑपरेशन किया। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। करीब 24 वर्षीय महिला गर्भावस्था के दौरान सीएचसी परतावल पहुंची थी। उसने डॉक्टर को बताया कि पिछली बार नौ महीने की गर्भावस्था पूरी होने के बाद ऑपरेशन से प्रसव हुआ था, लेकिन बच्चा मृत पैदा हुआ था। इसके बाद डॉ. शालिनी सिंह ने इस गर्भावस्था में महिला की नियमित जांच और फॉलोअप शुरू किया। जांच के दौरान महिला का हीमोग्लोबिन कम मिला। डॉक्टर ने उसे जरूरी दवाओं के साथ आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां दीं। साथ ही खान-पान और गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई। महिला को किसी भी परेशानी पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए कहा गया। गर्भावस्था के दौरान उसकी लगातार जांच की जाती रही। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस के दौरान भी महिला की जांच और अल्ट्रासाउंड कराया गया। हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए आयरन सुक्रोज का इंजेक्शन भी लगाया गया। 37 सप्ताह की गर्भावस्था पूरी होने पर 16 सितंबर को डॉक्टरों की निगरानी में ऑपरेशन कर सुरक्षित प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ बताए गए हैं। डॉ. शालिनी सिंह ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच, चिकित्सकीय सलाह का पालन और समय पर उपचार से कई जटिलताओं से बचा जा सकता है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं से नियमित प्रसव पूर्व जांच कराने की अपील की।





















