
गोरखपुर-नरकटियागंज रेलखंड पर सिसवा से करीब पांच किलोमीटर दूर गुरली रमगढ़वा हाल्ट पर यात्रियों की परेशानी खत्म नहीं हो रही है। यहां ट्रेनें रुकती तो हैं, लेकिन यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं हैं। सबसे बड़ी समस्या टिकट खिड़की का अक्सर बंद रहना है। इस वजह से यात्रियों को टिकट लेने के लिए सिसवा या खड्डा जैसे स्टेशनों पर जाना पड़ता है। गोरखपुर छावनी से नरकटियागंज के बीच चार जोड़ी सवारी गाड़ियां चलती हैं। ये ट्रेनें इस रेलखंड के हाल्ट स्टेशनों पर भी रुकती हैं। इसके बावजूद गुरली रमगढ़वा हाल्ट पर यात्रियों की सुविधा के लिए सही इंतजाम नहीं हैं। टिकट खिड़की बंद होने से स्थानीय यात्रियों को बिना टिकट ट्रेन में चढ़ने या दूर के स्टेशन से टिकट लेने पर मजबूर होना पड़ता है। हाल्ट का स्टेशन भवन भी खराब हालत में है। दीवारों का प्लास्टर गिर रहा है और पूरे परिसर में जगह-जगह घास-फूस व झाड़ियां उग गई हैं। प्लेटफॉर्म का बड़ा हिस्सा भी झाड़ियों से ढका हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि झाड़ियों के कारण यहां अक्सर जहरीले सांप निकलते हैं, जिससे यात्रियों में डर बना रहता है। बारिश के दिनों में यह समस्या और बढ़ जाती है। हाल्ट पर यात्रियों के बैठने के लिए सही व्यवस्था नहीं है। स्वच्छ पीने का पानी, शौचालय और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी कमी है। स्थानीय निवासी राधेमोहन, श्रीनिवास, मक़बूल और विश्वकर्मा सहित अन्य लोगों ने बताया कि लंबे समय से हाल्ट की सुविधाओं में सुधार की जरूरत है। बारिश के दौरान परिसर में यात्रियों को और अधिक परेशानी होती है। सिसवा स्टेशन अधीक्षक सुनील कुशवाहा ने बताया कि टिकट खिड़की से जुड़ा मामला वाणिज्य विभाग का है। शिकायत मिलने पर संबंधित विभाग नियमों के हिसाब से कार्रवाई करता है।
































