
गांव में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां पूरी हो गई हैं। इस मौके पर गांव के मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों और सजावटी सामान से सजाया गया है। मंदिर परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की झांकी भी लगाई गई है, जिसे देखने के लिए ग्रामीण पहुंच रहे हैं। मंदिर की सजावट में गांव के बच्चों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों ने मिलकर फूलों की मालाएं लगाईं, झांकी सजाई और मंदिर परिसर को आकर्षक बनाया। मंदिर के चारों ओर केले के पत्तों और फूलों से की गई सजावट से माहौल और अच्छा लग रहा है। जन्माष्टमी को लेकर ग्रामीणों में सुबह से ही खुशी है। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की पूजा और दर्शन के लिए मंदिर आ रहे हैं। शाम को मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और दूसरे कार्यक्रम होंगे। रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय खास आरती और पूजा की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि जन्माष्टमी गांव में भाईचारे और आस्था का त्योहार है। इस मौके पर सभी लोग मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में मदद करते हैं। मंदिर की सजावट और बच्चों की मेहनत से पूरे गांव का माहौल भक्तिपूर्ण हो गया है।
































