
गैसड़ी विकासखंड की ग्राम पंचायत नेवलगढ़ को जोड़ने वाले जंगल मार्ग पर घनी झाड़ियां ग्रामीणों और राहगीरों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन झाड़ियों की आड़ में अक्सर तेंदुआ छिपा रहता है, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों में भय का माहौल है। जुगनभरिया से नेवलगढ़ तक लगभग एक किलोमीटर लंबा यह संपर्क मार्ग जंगल के बीच से गुजरता है। सड़क के दोनों किनारों पर झाड़ियां इतनी बढ़ गई हैं कि राहगीरों को आसपास की गतिविधियां दिखाई नहीं देतीं। ग्रामीणों को आशंका है कि झाड़ियों की आड़ से वन्यजीव अचानक सड़क पर आ सकते हैं, जिससे किसी भी समय अप्रिय घटना हो सकती है। पूर्व प्रधान रामबचन थारू ने बताया कि इस मार्ग से ग्रामीण प्रतिदिन आवागमन करते हैं। तेंदुए की मौजूदगी के कारण विशेषकर सुबह और शाम के समय लोगों में डर बना रहता है। उन्होंने कहा कि यदि सड़क किनारे की झाड़ियों को समय रहते साफ करा दिया जाए, तो राहगीरों को सुविधा मिलेगी और वन्यजीवों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से जुगनभरिया-नेवलगढ़ मार्ग के दोनों ओर उगी झाड़ियों की प्राथमिकता के आधार पर सफाई कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। साथ ही, तेंदुए की गतिविधियों की निगरानी के लिए वन विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की भी मांग की गई है। वन क्षेत्राधिकारी अमरजीत प्रसाद ने बताया कि उन्हें सूचना मिल गई है और जल्द ही झाड़ियां साफ कराई जाएंगी। ग्राम प्रधान घनश्याम यादव, महाराणा प्रताप जनजातीय सेवा संस्थान अध्यक्ष मदन लाल जायसवाल, दिलीप चौधरी, कृष्ण कुमार थारू, राधेश्याम थारू, विनती राम थारू, कमलेश थारू, बजरंग थारू, विजय चौधरी और सत्य प्रकाश थारू सहित अन्य ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि वन विभाग शीघ्र मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करेगा।




























