
बलरामपुर के श्रीदत्तगंज ब्लॉक स्थित शुक्लागंज बाजार में उतरौला-गोण्डा मुख्य मार्ग पर निर्माणाधीन पुल के पास सोमवार को एक लोडेड वाहन वैकल्पिक मार्ग पर धंस गया। इससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों तथा वाहन चालकों को तेज धूप व धूल के बीच काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में, जेसीबी की मदद से वाहन को बाहर निकाला गया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल निर्माण के लिए बनाए गए वैकल्पिक मार्ग को पर्याप्त रूप से मजबूत नहीं किया गया है। भारी वाहनों के गुजरने पर यह सड़क अक्सर धंस जाती है, जिससे आए दिन वाहन फंसते हैं और जाम की स्थिति बन जाती है। लोगों का यह भी कहना है कि पुल का निर्माण कार्य भी लंबे समय से बेहद धीमी गति से चल रहा है, जिससे इस व्यस्त मार्ग से गुजरने वाले लोगों की मुश्किलें लगातार बनी हुई हैं। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले, शनिवार रात इसी निर्माणाधीन पुल पर एक हादसे में बाइक सवार दिनेश कुमार (35) की मौत हो गई थी। निर्माणाधीन पुल की जानकारी के अभाव और मजबूत बैरिकेडिंग न होने के कारण तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर पुल में जा घुसी और दूसरी ओर जा गिरी थी। इस दुर्घटना में दिनेश गंभीर रूप से घायल हुए और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। स्थानीय निवासियों ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों और बैरिकेडिंग की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि बैरिकेडिंग मजबूत और स्पष्ट होती, तो इस तरह के हादसे को टाला जा सकता था। हालांकि, इस संबंध में जिम्मेदारी तय करना जांच का विषय है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पुल का निर्माण लगभग आठ माह से चल रहा है और इसकी अनुमानित लागत 1.17 करोड़ रुपये है। इसके बावजूद, निर्माण की धीमी रफ्तार और आवागमन के लिए पर्याप्त सुरक्षित व्यवस्था न होने के कारण स्थानीय लोगों में गहरा असंतोष है।





























