बांसी ब्लॉक की न्याय पंचायत चेतिया में सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के निर्देश पर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) ने औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों के अचानक गांवों में पहुंचने से ग्राम पंचायतों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान मनरेगा, आवास, स्वच्छ भारत मिशन, पंचायत भवन समेत कई विकास कार्यों की जमीनी स्थिति जांची गई। कुछ स्थानों पर काम अधूरे मिलने और अभिलेखों में गड़बड़ी पाए जाने पर बीडीओ ने नाराजगी जताई। अचानक गांवों में पहुंचे अधिकारी सीडीओ के निर्देश पर बीडीओ ने न्याय पंचायत चेतिया के अंतर्गत आने वाली विभिन्न ग्राम पंचायतों का दौरा किया। अधिकारियों के अचानक पहुंचने से पंचायत स्तर पर सक्रियता बढ़ गई। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति की जांच करना था। मनरेगा से लेकर आवास तक जांच अधिकारियों ने गांवों में मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों की स्थिति देखी। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, पंचायत भवन निर्माण और अन्य विकास कार्यों की भी पड़ताल की गई। इंटरलॉकिंग, नाली निर्माण और आवास निर्माण की प्रगति का मौके पर जायजा लिया गया। अधूरे काम मिले, अभिलेखों पर भी सवाल निरीक्षण के दौरान कुछ ग्राम पंचायतों में विकास कार्य अधूरे पाए गए। वहीं कुछ जगहों पर संबंधित अभिलेखों में भी गड़बड़ी सामने आई। इस पर बीडीओ ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को व्यवस्था में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। कई प्रधान मौके पर बुलाए गए निरीक्षण के दौरान कई ग्राम प्रधानों को मौके पर बुलाकर विकास कार्यों की जानकारी ली गई। कुछ प्रधान मौके पर उपस्थित नहीं मिले। अधिकारियों ने पंचायत स्तर पर चल रहे कार्यों और उनके अभिलेखों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। सामुदायिक शौचालयों की स्थिति भी जांची गई। ग्रामीणों से सीधे लिया फीडबैक अधिकारियों ने ग्रामीणों से भी विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों से यह जानने का प्रयास किया गया कि उन्हें योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं और गांव में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता कैसी है। इससे अधिकारियों को जमीनी स्तर की स्थिति समझने में मदद मिली। लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी बीडीओ ने प्रधानों और सचिवों को स्पष्ट चेतावनी दी कि विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधूरे कार्यों को जल्द पूरा कराने और अभिलेखों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। लापरवाही मिलने पर संबंधित प्रधानों और सचिवों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। औचक निरीक्षण के बाद न्याय पंचायत क्षेत्र में पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों की सक्रियता बढ़ गई है।
सीडीओ के निर्देश पर न्याय पंचायत चेतिया में औचक निरीक्षण:अधूरे काम और अभिलेखों में गड़बड़ी पर BDO नाराज, प्रधान-सचिवों को सुधार की चेतावनी
बांसी ब्लॉक की न्याय पंचायत चेतिया में सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के निर्देश पर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) ने औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों के अचानक गांवों में पहुंचने से ग्राम पंचायतों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान मनरेगा, आवास, स्वच्छ भारत मिशन, पंचायत भवन समेत कई विकास कार्यों की जमीनी स्थिति जांची गई। कुछ स्थानों पर काम अधूरे मिलने और अभिलेखों में गड़बड़ी पाए जाने पर बीडीओ ने नाराजगी जताई। अचानक गांवों में पहुंचे अधिकारी सीडीओ के निर्देश पर बीडीओ ने न्याय पंचायत चेतिया के अंतर्गत आने वाली विभिन्न ग्राम पंचायतों का दौरा किया। अधिकारियों के अचानक पहुंचने से पंचायत स्तर पर सक्रियता बढ़ गई। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति की जांच करना था। मनरेगा से लेकर आवास तक जांच अधिकारियों ने गांवों में मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों की स्थिति देखी। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, पंचायत भवन निर्माण और अन्य विकास कार्यों की भी पड़ताल की गई। इंटरलॉकिंग, नाली निर्माण और आवास निर्माण की प्रगति का मौके पर जायजा लिया गया। अधूरे काम मिले, अभिलेखों पर भी सवाल निरीक्षण के दौरान कुछ ग्राम पंचायतों में विकास कार्य अधूरे पाए गए। वहीं कुछ जगहों पर संबंधित अभिलेखों में भी गड़बड़ी सामने आई। इस पर बीडीओ ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को व्यवस्था में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। कई प्रधान मौके पर बुलाए गए निरीक्षण के दौरान कई ग्राम प्रधानों को मौके पर बुलाकर विकास कार्यों की जानकारी ली गई। कुछ प्रधान मौके पर उपस्थित नहीं मिले। अधिकारियों ने पंचायत स्तर पर चल रहे कार्यों और उनके अभिलेखों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। सामुदायिक शौचालयों की स्थिति भी जांची गई। ग्रामीणों से सीधे लिया फीडबैक अधिकारियों ने ग्रामीणों से भी विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों से यह जानने का प्रयास किया गया कि उन्हें योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं और गांव में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता कैसी है। इससे अधिकारियों को जमीनी स्तर की स्थिति समझने में मदद मिली। लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी बीडीओ ने प्रधानों और सचिवों को स्पष्ट चेतावनी दी कि विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधूरे कार्यों को जल्द पूरा कराने और अभिलेखों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। लापरवाही मिलने पर संबंधित प्रधानों और सचिवों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। औचक निरीक्षण के बाद न्याय पंचायत क्षेत्र में पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों की सक्रियता बढ़ गई है।






























