सिद्धार्थनगर के खेसरहा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बकैनिहा में निर्मित पंचायत भवन की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अधूरे निर्माण का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, पंचायत भवन में बने प्रधान कक्ष और सचिव कक्ष में आज तक दरवाजे नहीं लगाए गए हैं। दोनों कक्ष पूरी तरह खुले पड़े हैं, जिससे भवन की सुरक्षा और उपयोगिता प्रभावित हो रही है। इसके अतिरिक्त, पंचायत भवन के प्रांगण में घास-फूस का अंबार लगा हुआ है। यह स्थिति भवन की नियमित साफ-सफाई और देखरेख पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों का कहना है कि परिसर लंबे समय से साफ-सफाई से वंचित दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत भवन का निर्माण ग्रामीणों को पंचायत स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था। हालांकि, भवन की मौजूदा स्थिति देखकर लगता है कि इसके रखरखाव पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शिकायतकर्ता नंदलाल, सावित्री, राजकुमार और श्यामचंद ने सामूहिक रूप से संबंधित अधिकारियों से मौके पर जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अधूरे निर्माण कार्य को पूरा कराने और भवन परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि ग्रामीणों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके। इस संबंध में, ग्राम प्रधान सुभावती देवी के प्रतिनिधि दिलीप प्रसाद ने कहा कि पंचायत भवन में जो भी कार्य अधूरे हैं, उन्हें संबंधित स्तर पर पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने परिसर की साफ-सफाई सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया।
बकैनिहा पंचायत भवन में प्रधान-सचिव कक्ष बिना दरवाजे:परिसर में उगी घास, ग्रामीणों ने बदहाली पर उठाए सवाल
सिद्धार्थनगर के खेसरहा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बकैनिहा में निर्मित पंचायत भवन की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अधूरे निर्माण का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, पंचायत भवन में बने प्रधान कक्ष और सचिव कक्ष में आज तक दरवाजे नहीं लगाए गए हैं। दोनों कक्ष पूरी तरह खुले पड़े हैं, जिससे भवन की सुरक्षा और उपयोगिता प्रभावित हो रही है। इसके अतिरिक्त, पंचायत भवन के प्रांगण में घास-फूस का अंबार लगा हुआ है। यह स्थिति भवन की नियमित साफ-सफाई और देखरेख पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों का कहना है कि परिसर लंबे समय से साफ-सफाई से वंचित दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत भवन का निर्माण ग्रामीणों को पंचायत स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था। हालांकि, भवन की मौजूदा स्थिति देखकर लगता है कि इसके रखरखाव पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शिकायतकर्ता नंदलाल, सावित्री, राजकुमार और श्यामचंद ने सामूहिक रूप से संबंधित अधिकारियों से मौके पर जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अधूरे निर्माण कार्य को पूरा कराने और भवन परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि ग्रामीणों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके। इस संबंध में, ग्राम प्रधान सुभावती देवी के प्रतिनिधि दिलीप प्रसाद ने कहा कि पंचायत भवन में जो भी कार्य अधूरे हैं, उन्हें संबंधित स्तर पर पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने परिसर की साफ-सफाई सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया।


















































