
लखनऊ। बरसात के दिनों गौशालाओं को लेकर शासन ने सक्रियता दिखायी है। गौश्रालयोें में गोवंश संरक्षण, नस्ल सुधार, कृत्रिम गभार्धान, बधियाकरण तथा संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर प्रदेश के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने 10 सितम्बर तक रिपोर्ट तलब की है। साथ ही उन्होंने विभागीय अधिकारियों से हर गौशाला का निरीक्षण करने के भी निर्देश दिये है। विधानभवन में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रत्येक मंडल में अपर निदेशक स्तर के अधिकारी द्वारा गौशालाओं की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण करें। अधिकारी मौके पर जाकर गौशालाओं की व्यवस्थाओं को स्वयं देखें । गौशालाओं की व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही नस्ल सुधार एवं कृत्रिम गभार्धान को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि दुग्ध समितियों को और अधिक सक्रिय किया जाए तथा दुग्ध उत्पादकों को समय पर राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे तकनीकी सहयोग और आवश्यक सुविधाएं मिलें। राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने कहा कि गौशालाओं में साफ-सफाई, चारा-पानी और गोवंश के स्वास्थ्य की स्थिति पर विशेष नजर रखी जाए। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम, विशेष सचिव राम सहाय यादव, प्रबंध निदेशक पीसीडीएफ प्रकाश बिंदु, पशुपालन विभाग के निदेशक (प्रशासन एवं विकास) डॉ राजेंद्र प्रसाद, निदेशक , मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. पी.के. सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।
























