Home उत्तर प्रदेश यूपी पुलिस के 9 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को भावभीनी विदाई

यूपी पुलिस के 9 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को भावभीनी विदाई

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय में सोमवार, 31 अगस्त  को अधिवर्षता आयु पूरी कर सेवानिवृत्त होने वाले वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मान में भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण ने सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया और उनके लंबे सेवाकाल के दौरान किए गए योगदान की सराहना की। समारोह में  मुथा अशोक जैन, डॉ. अखिलेश कुमार निगम, शहाब रशीद खां,  आलोक प्रियदर्शी, सुनीता सिंह, कमलेश कुमार दीक्षित,  अरविन्द मिश्र, हरि गोविन्द और राम नयन सिंह को विदाई दी गई। उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक सेवानिवृत्ति सूची में इन अधिकारियों की सेवानिवृत्ति तिथि 31 अगस्त 2026 दर्ज है। विदाई समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि पुलिस सेवा में अलग-अलग परिवारों और पृष्ठभूमियों से आए अधिकारियों ने तीन दशक या उससे अधिक समय तक राष्ट्र, समाज, आमजन और उत्तर प्रदेश पुलिस की सेवा की है। उन्होंने कहा कि सेवा के दौरान हासिल अनुभव, दक्षता और ज्ञान किसी अधिकारी की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। डीजीपी ने कहा कि सेवानिवृत्ति का अर्थ किसी व्यक्ति की कार्यक्षमता, ऊर्जा अथवा प्रतिभा का समाप्त होना नहीं है। यह जीवन की एक नई शुरुआत है। उन्होंने सेवानिवृत्त अधिकारियों को उनकी ‘सेकंड इनिंग’ के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सेवा काल में अधूरे रह गए सपनों और योजनाओं को अब अपने अनुभव, प्रतिभा और नई सोच के साथ पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा के दौरान अधिकारियों को सफलता के साथ चुनौतियों और कठिन परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ता है। यही अनुभव व्यक्ति को लगातार सीखने, खुद को बेहतर बनाने और मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता देते हैं। अधिकारियों ने साझा किए सेवा के अनुभव विदाई समारोह में सेवानिवृत्त होने वाले सभी अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। अधिकारियों ने पुलिस विभाग में बिताए वर्षों के अनुभवों और यादगार पलों को साझा किया।सभी अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश पुलिस में सेवा करने को अपने जीवन का गौरवपूर्ण अनुभव बताया। डीजीपी ने अधिकारियों और उनके परिवारों को भविष्य के लिए सुखमय, स्वस्थ, समृद्ध और सफल जीवन की शुभकामनाएं दीं। मुथा अशोक जैन का 30 साल से अधिक का सेवाकाल मुथा अशोक जैन का जन्म 30 अगस्त 1966 को गुन्टूर, आंध्र प्रदेश में हुआ था। वर्ष 1995 में भारतीय पुलिस सेवा में चयन के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली।वर्ष 2013 में पुलिस महानिरीक्षक पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने रेलवे इलाहाबाद, इलाहाबाद जोन, सुरक्षा लखनऊ, लोक शिकायत और आगरा परिक्षेत्र में सेवाएं दीं। वर्ष 2017 से 2022 तक वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में तैनात रहे।वापसी के बाद उन्होंने पुलिस आयुक्त वाराणसी, अपर पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड और अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। जून 2026 में उन्हें पुलिस महानिदेशक पद पर पदोन्नति मिली और वे पुलिस महानिदेशक अग्निशमन एवं आपात सेवाएं, उत्तर प्रदेश के पद पर तैनात रहे।उन्हें वीरता, दीर्घ एवं सराहनीय सेवा तथा विशिष्ट सेवाओं के लिए कई पुलिस पदकों से सम्मानित किया जा चुका है। इनमें स्वतंत्रता दिवस 2007 और गणतंत्र दिवस 2010 के वीरता पुलिस पदक, 2011 का दीर्घ एवं सराहनीय सेवा पुलिस पदक और 2021 का राष्ट्रपति पुलिस पदक शामिल है। वर्ष 2025 में उन्हें डीजीपी उत्तर प्रदेश का प्रशंसा चिन्ह गोल्ड तथा स्वतंत्रता दिवस 2026 पर प्लेटिनम प्रशंसा चिन्ह भी मिला। डॉ. अखिलेश कुमार निगम का 34 वर्षों का सेवाकाल डॉ. अखिलेश कुमार निगम का जन्म 5 अगस्त 1966 को लखनऊ में हुआ। वर्ष 1992 में प्रांतीय पुलिस सेवा में चयनित होने के बाद उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 2016 में भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नति के बाद वे राज्य के विभिन्न पदों पर रहे। वर्ष 2022 में डीआईजी और वर्ष 2026 में आईजी पद पर पदोन्नत हुए। वे को-ऑपरेटिव सेल, आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन और अपराध अनुसंधान विभाग में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। 34 वर्षों के सेवाकाल के दौरान उन्हें दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के पुलिस पदक, डीजीपी प्रशंसा चिन्ह सिल्वर तथा राष्ट्रपति पुलिस पदक समेत कई सम्मान मिले। शहाब रशीद खां ने संभाली यूपी-112 की जिम्मेदारी  शहाब रशीद खां का जन्म 12 अगस्त 1966 को मीरजापुर में हुआ। वर्ष 1994 में प्रांतीय पुलिस सेवा में चयनित होने के बाद वर्ष 2018 में वे भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत हुए।वर्ष 2024 में डीआईजी पद पर पदोन्नति के बाद उन्हें यूपी-112 में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली। 31 वर्षों से अधिक के सेवाकाल में उन्होंने विभिन्न पदों पर कार्य किया। उन्हें कई बार वीरता के लिए पुलिस पदक, मुख्यमंत्री का उत्कृष्ट सेवा पदक, डीजीपी प्रशंसा चिन्ह सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम तथा दीर्घ एवं सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। आलोक प्रियदर्शी ने वाराणसी में संभाली जिम्मेदारी आलोक प्रियदर्शी का जन्म 23 अगस्त 1966 को पटना, बिहार में हुआ। वर्ष 1995 में प्रांतीय पुलिस सेवा में चयनित होने के बाद वर्ष 2018 में भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत हुए। उन्होंने राज्य में विभिन्न पदों पर काम किया और वर्ष 2025 में डीआईजी बने। वे अपर पुलिस आयुक्त गाजियाबाद के बाद वर्तमान में वाराणसी में अपर पुलिस आयुक्त के पद पर तैनात रहे। 31 वर्षों से अधिक के सेवाकाल के दौरान उन्हें डीजीपी प्रशंसा चिन्ह सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम तथा दीर्घ एवं सराहनीय सेवा के पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। सुनीता सिंह ने पीएसी मुख्यालय में दी सेवाएं  सुनीता सिंह का जन्म 29 अगस्त 1966 को देवरिया में हुआ। वर्ष 1994 में प्रांतीय पुलिस सेवा में चयनित होने के बाद वर्ष 2019 में भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत हुईं। वर्ष 2025 में डीआईजी पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने पीएसी मुख्यालय में जिम्मेदारी संभाली। 31 वर्षों से अधिक के सेवाकाल के दौरान उन्होंने विभाग में विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्व निभाए। उन्हें डीजीपी उत्तर प्रदेश का प्रशंसा चिन्ह सिल्वर भी प्रदान किया गया। कमलेश कुमार दीक्षित का करीब तीन दशक का सेवाकाल कमलेश कुमार दीक्षित का जन्म 15 अगस्त 1966 को कुशीनगर में हुआ। वर्ष 1997 में प्रांतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए और वर्ष 2020 में भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत हुए। उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं और सेवानिवृत्ति से पहले पुलिस उपायुक्त, कमिश्नरेट लखनऊ के पद पर कार्यरत रहे। करीब 29 वर्षों से अधिक के सेवाकाल में उन्हें दीर्घ एवं सराहनीय सेवा के पुलिस पदक और डीजीपी प्रशंसा चिन्ह सिल्वर एवं गोल्ड से सम्मानित किया गया। अरविन्द मिश्र ने ईओडब्लू में संभाली जिम्मेदारी  अरविन्द मिश्र का जन्म 12 अगस्त 1966 को जौनपुर में हुआ। वर्ष 1997 में प्रांतीय पुलिस सेवा में चयनित होने के बाद वर्ष 2022 में भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत हुए। वे आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत रहे। करीब 29 वर्षों से अधिक के सेवाकाल में उन्हें डीजीपी प्रशंसा चिन्ह सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम, कुंभ सेवा पदक तथा दीर्घ एवं सराहनीय सेवा के पुलिस पदक सहित कई सम्मान मिले। हरि गोविन्द ने प्रशिक्षण निदेशालय में दी सेवाएं  हरि गोविन्द का जन्म 25 अगस्त 1966 को सुलतानपुर में हुआ। वर्ष 1999 में प्रांतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए और वर्ष 2023 में भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत हुए। सेवानिवृत्ति से पहले वे पुलिस अधीक्षक, प्रशिक्षण निदेशालय लखनऊ के पद पर कार्यरत थे। उनका सेवाकाल 27 वर्षों से अधिक का रहा। राम नयन सिंह का भी लंबा पुलिस सेवाकाल राम नयन सिंह का जन्म 18 अगस्त 1966 को सुलतानपुर में हुआ। वर्ष 1998 में प्रांतीय पुलिस सेवा में चयनित होने के बाद उन्होंने राज्य में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने सुरक्षा मुख्यालय, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति, पुलिस उपायुक्त कमिश्नरेट लखनऊ और पुलिस अधीक्षक बहराइच समेत विभिन्न पदों पर कार्य किया। सेवानिवृत्ति से पहले वे 49वीं वाहिनी पीएसी गौतमबुद्धनगर के सेनानायक थे। उन्हें गणतंत्र दिवस 2016 पर वीरता के लिए पुलिस पदक और वर्ष 2025 में डीजीपी उत्तर प्रदेश का प्रशंसा चिन्ह सिल्वर प्रदान किया गया। सम्मान और अनुभव की विरासत के साथ विदाई विदाई समारोह में अधिकारियों के लंबे सेवाकाल और विभाग के प्रति योगदान को याद किया गया। डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि इन अधिकारियों ने अपने सेवाकाल में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, प्रशासनिक जिम्मेदारियों और पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सेवानिवृत्त अधिकारियों के परिजनों को भी बधाई देते हुए कहा कि पुलिस सेवा केवल अधिकारी की नहीं, बल्कि पूरे परिवार के त्याग और सहयोग की यात्रा होती है। समारोह का समापन सेवानिवृत्त अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ हुआ। अधिकारियों ने भी उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार के प्रति आभार जताते हुए सेवा के दौरान मिले अनुभवों को अपनी आगे की जिंदगी की महत्वपूर्ण पूंजी बताया।

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