श्रावस्ती जनपद के सिरसिया ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत मेडकिया में प्राथमिक विद्यालय जाने वाला मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में है। तालाब के किनारे से गुजरने वाला यह रास्ता कई जगहों पर कट गया है। बारिश के दिनों में तालाब का पानी बढ़ने और रास्ते पर कीचड़ जमा होने से स्कूली बच्चों के साथ ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के बच्चे प्रतिदिन इसी क्षतिग्रस्त रास्ते से प्राथमिक विद्यालय जाते हैं। मार्ग कई स्थानों पर इतना खराब है कि छोटे बच्चों को संभलकर निकलना पड़ता है। तालाब में पानी बढ़ने पर रास्ते का कटा हुआ हिस्सा और अधिक खतरनाक हो जाता है, जिससे किसी भी समय दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। इस जर्जर मार्ग का असर केवल बच्चों पर ही नहीं, बल्कि किसानों पर भी पड़ रहा है। रास्ता खराब होने के कारण ट्रैक्टर और अन्य कृषि वाहन खेतों तक पहुंचाने में कठिनाई होती है, जिससे खेती-किसानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण विजय कुमार मिश्रा ने बताया कि रास्ते की हालत कई वर्षों से खराब है। मार्ग की मरम्मत के लिए ग्राम प्रधान से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। राहुल और दिवाकर समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि तालाब के किनारे रास्ता लगातार कटता जा रहा है। यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए तालाब किनारे क्षतिग्रस्त मार्ग की जल्द मरम्मत कराई जाए। साथ ही रास्ते को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएं, ताकि स्कूली बच्चों, किसानों और अन्य ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो।
श्रावस्ती में तालाब किनारे जर्जर रास्ते से स्कूल जाते बच्चे:हादसे का खतरा, ग्रामीणों ने प्रशासन से की मरम्मत की मांग
श्रावस्ती जनपद के सिरसिया ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत मेडकिया में प्राथमिक विद्यालय जाने वाला मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में है। तालाब के किनारे से गुजरने वाला यह रास्ता कई जगहों पर कट गया है। बारिश के दिनों में तालाब का पानी बढ़ने और रास्ते पर कीचड़ जमा होने से स्कूली बच्चों के साथ ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के बच्चे प्रतिदिन इसी क्षतिग्रस्त रास्ते से प्राथमिक विद्यालय जाते हैं। मार्ग कई स्थानों पर इतना खराब है कि छोटे बच्चों को संभलकर निकलना पड़ता है। तालाब में पानी बढ़ने पर रास्ते का कटा हुआ हिस्सा और अधिक खतरनाक हो जाता है, जिससे किसी भी समय दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। इस जर्जर मार्ग का असर केवल बच्चों पर ही नहीं, बल्कि किसानों पर भी पड़ रहा है। रास्ता खराब होने के कारण ट्रैक्टर और अन्य कृषि वाहन खेतों तक पहुंचाने में कठिनाई होती है, जिससे खेती-किसानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण विजय कुमार मिश्रा ने बताया कि रास्ते की हालत कई वर्षों से खराब है। मार्ग की मरम्मत के लिए ग्राम प्रधान से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। राहुल और दिवाकर समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि तालाब के किनारे रास्ता लगातार कटता जा रहा है। यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए तालाब किनारे क्षतिग्रस्त मार्ग की जल्द मरम्मत कराई जाए। साथ ही रास्ते को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएं, ताकि स्कूली बच्चों, किसानों और अन्य ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो।



























