श्रावस्ती जनपद में गंगीय डॉल्फिन और मगरमच्छ के संरक्षण के लिए एक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। प्रभागीय वनाधिकारी धनराज मीना के निर्देश पर सोमवार को श्रावस्ती वन प्रभाग के ककरदरी रेंज क्षेत्र के मच्छरिहवा और भरथा बेलभरिया गांवों में यह अभियान आयोजित किया गया। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को वन्यजीवों के संरक्षण के महत्व और बारिश व जलभराव के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को बताया कि बारिश और जलभराव की स्थिति में वन्यजीव अक्सर मानव बस्तियों के करीब आ जाते हैं। ऐसे में यदि मगरमच्छ, डॉल्फिन या कोई अन्य वन्यजीव आबादी क्षेत्र में दिखाई दे, तो उसके पास जाने या उसे पकड़ने का प्रयास न करें। वन्यजीवों को परेशान करना मानव और वन्यजीव दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। ग्रामीणों से अपील की गई कि ऐसे मामलों में तत्काल वन विभाग को सूचित करें। टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि वन्यजीवों की उपस्थिति की सूचना मिलने पर विभागीय कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे। ग्रामीणों से वन्यजीव संरक्षण में सक्रिय सहयोग करने और मानव-वन्यजीव संघर्ष की किसी भी स्थिति में सतर्क रहने का आग्रह किया गया। वन विभाग ने ग्रामीणों को टोल फ्री नंबर 1926 के बारे में भी जानकारी दी। किसी भी वन्यजीव के आबादी क्षेत्र में आने या मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति में इस नंबर पर सूचना दी जा सकती है। अधिकारियों ने बताया कि समय पर सूचना मिलने से वन्यजीवों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सकता है और लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है। इस जागरूकता अभियान में वन दारोगा विकास शुक्ला, वन रक्षक राकेश यादव, वन रक्षक सुधीर मिश्रा, दैनिक श्रमिक साधु मौर्या, राम मनोहर और बबलू यादव सहित वन विभाग के कई कर्मचारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अभियान में भाग लिया और वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करने का आश्वासन दिया।
श्रावस्ती में डॉल्फिन, मगरमच्छ संरक्षण को लेकर अभियान:वन विभाग ने ग्रामीणों को किया जागरूक, दी सावधानियों की जानकारी
श्रावस्ती जनपद में गंगीय डॉल्फिन और मगरमच्छ के संरक्षण के लिए एक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। प्रभागीय वनाधिकारी धनराज मीना के निर्देश पर सोमवार को श्रावस्ती वन प्रभाग के ककरदरी रेंज क्षेत्र के मच्छरिहवा और भरथा बेलभरिया गांवों में यह अभियान आयोजित किया गया। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को वन्यजीवों के संरक्षण के महत्व और बारिश व जलभराव के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को बताया कि बारिश और जलभराव की स्थिति में वन्यजीव अक्सर मानव बस्तियों के करीब आ जाते हैं। ऐसे में यदि मगरमच्छ, डॉल्फिन या कोई अन्य वन्यजीव आबादी क्षेत्र में दिखाई दे, तो उसके पास जाने या उसे पकड़ने का प्रयास न करें। वन्यजीवों को परेशान करना मानव और वन्यजीव दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। ग्रामीणों से अपील की गई कि ऐसे मामलों में तत्काल वन विभाग को सूचित करें। टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि वन्यजीवों की उपस्थिति की सूचना मिलने पर विभागीय कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे। ग्रामीणों से वन्यजीव संरक्षण में सक्रिय सहयोग करने और मानव-वन्यजीव संघर्ष की किसी भी स्थिति में सतर्क रहने का आग्रह किया गया। वन विभाग ने ग्रामीणों को टोल फ्री नंबर 1926 के बारे में भी जानकारी दी। किसी भी वन्यजीव के आबादी क्षेत्र में आने या मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति में इस नंबर पर सूचना दी जा सकती है। अधिकारियों ने बताया कि समय पर सूचना मिलने से वन्यजीवों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सकता है और लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है। इस जागरूकता अभियान में वन दारोगा विकास शुक्ला, वन रक्षक राकेश यादव, वन रक्षक सुधीर मिश्रा, दैनिक श्रमिक साधु मौर्या, राम मनोहर और बबलू यादव सहित वन विभाग के कई कर्मचारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अभियान में भाग लिया और वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करने का आश्वासन दिया।



























