जोगनी स्थित राजकीय हाई स्कूल के मुख्य गेट और आसपास के रास्तों पर जलभराव तथा कीचड़ की गंभीर समस्या बनी हुई है। उचित जल निकासी न होने के कारण बारिश और आसपास का गंदा पानी यहां जमा हो जाता है, जिससे छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय का रास्ता कीचड़ और फिसलन भरा होने के कारण छोटे-छोटे बच्चों को रोजाना इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार छात्र फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उनकी स्कूल ड्रेस और किताबें खराब हो जाती हैं। लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण इसमें मक्खी-मच्छर पनप रहे हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों और चर्म रोग का खतरा बढ़ गया है। इसके अतिरिक्त, गहरे पानी में गड्ढे दिखाई न देने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को अवगत कराया है। हालांकि, उनकी शिकायतों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन तथा शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्कूल के सामने सड़क की उचित व्यवस्था की जाए ताकि बच्चों को इस परेशानी से मुक्ति मिल सके।
स्कूल के सामने सड़क पर पसरा कीचड़, छात्रों को परेशानी:जोगनी में अभिभावकों ने प्रशासन से सड़क बनाने की मांग की
जोगनी स्थित राजकीय हाई स्कूल के मुख्य गेट और आसपास के रास्तों पर जलभराव तथा कीचड़ की गंभीर समस्या बनी हुई है। उचित जल निकासी न होने के कारण बारिश और आसपास का गंदा पानी यहां जमा हो जाता है, जिससे छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय का रास्ता कीचड़ और फिसलन भरा होने के कारण छोटे-छोटे बच्चों को रोजाना इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार छात्र फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उनकी स्कूल ड्रेस और किताबें खराब हो जाती हैं। लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण इसमें मक्खी-मच्छर पनप रहे हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों और चर्म रोग का खतरा बढ़ गया है। इसके अतिरिक्त, गहरे पानी में गड्ढे दिखाई न देने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को अवगत कराया है। हालांकि, उनकी शिकायतों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन तथा शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्कूल के सामने सड़क की उचित व्यवस्था की जाए ताकि बच्चों को इस परेशानी से मुक्ति मिल सके।

























