शोहरतगढ़ के ब्लॉक संसाधन केंद्र सभागार में मंगलवार को पांच दिवसीय एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमैरेसी) और एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षण प्रशिक्षण के चौथे चरण का समापन हुआ। इस प्रशिक्षण में शिक्षकों को बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक क्षमता मजबूत करने के तरीके सिखाए गए। प्रशिक्षण में प्रशिक्षक एआरपी तेजेंद्र प्रताप चौधरी, प्रवीण कुमार यादव, रॉबिन चांदी और आनंद प्रकाश गौड़ ने शिक्षकों को कई विषयों पर जानकारी दी। इसमें गतिविधि आधारित शिक्षण, एनसीईआरटी की नई पाठ्यपुस्तकों का उपयोग, एफएलएन के लक्ष्यों को समय पर हासिल करना और प्रिंट समृद्ध सामग्री का प्रयोग शामिल था। इसके अलावा, गणित और भाषा संदर्शिका, उपचारात्मक शिक्षण, वार्षिक शिक्षण रूपरेखा, दक्षताओं और शिक्षण रणनीतियों पर भी चर्चा हुई। प्रशिक्षकों ने अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तक के प्रभावी उपयोग और नए तरीकों को स्कूल स्तर पर लागू करने के तरीके भी बताए। खंड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि इससे शिक्षण के तरीकों में सुधार होगा। उन्होंने मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करने के साथ निपुण भारत मिशन की गतिविधियों को हर स्कूल में प्रभावी ढंग से चलाने पर जोर दिया। सौ शिक्षकों के इस प्रशिक्षण का समापन निपुण शपथ के साथ हुआ। इस मौके पर लालजी यादव, प्रदीप सिंह, कमलाकांत, मनोज कुमार, परमानन्द श्रीवास्तव, महेंद्र श्रीवास्तव, शिवनाथ, कृष्णगोविन्द चौधरी, शिवसरन, अनिल मिश्रा, संतोष यादव, रामानन्द पाण्डेय, अनसुरहमान, घनश्याम चौधरी, कन्हैया लाल, रीता, संगीता चौधरी, स्वाति वर्मा, सुरेन्द्र गुप्ता, सरिता श्रीवास्तव, रागिनी सिह, मीनू पाण्डेय, मनीराम धनीराम, तौफीक अहमद, श्यामलाल, शबनम, बुद्धि सागर समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।
शिक्षकों ने सीखी गतिविधि आधारित शिक्षण की नई तकनीकें:शोहरतगढ़ में एफएलएन प्रशिक्षण के चौथे चरण का समापन, बच्चों को पढ़ाने में मिलेगी मदद
शोहरतगढ़ के ब्लॉक संसाधन केंद्र सभागार में मंगलवार को पांच दिवसीय एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमैरेसी) और एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षण प्रशिक्षण के चौथे चरण का समापन हुआ। इस प्रशिक्षण में शिक्षकों को बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक क्षमता मजबूत करने के तरीके सिखाए गए। प्रशिक्षण में प्रशिक्षक एआरपी तेजेंद्र प्रताप चौधरी, प्रवीण कुमार यादव, रॉबिन चांदी और आनंद प्रकाश गौड़ ने शिक्षकों को कई विषयों पर जानकारी दी। इसमें गतिविधि आधारित शिक्षण, एनसीईआरटी की नई पाठ्यपुस्तकों का उपयोग, एफएलएन के लक्ष्यों को समय पर हासिल करना और प्रिंट समृद्ध सामग्री का प्रयोग शामिल था। इसके अलावा, गणित और भाषा संदर्शिका, उपचारात्मक शिक्षण, वार्षिक शिक्षण रूपरेखा, दक्षताओं और शिक्षण रणनीतियों पर भी चर्चा हुई। प्रशिक्षकों ने अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तक के प्रभावी उपयोग और नए तरीकों को स्कूल स्तर पर लागू करने के तरीके भी बताए। खंड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि इससे शिक्षण के तरीकों में सुधार होगा। उन्होंने मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करने के साथ निपुण भारत मिशन की गतिविधियों को हर स्कूल में प्रभावी ढंग से चलाने पर जोर दिया। सौ शिक्षकों के इस प्रशिक्षण का समापन निपुण शपथ के साथ हुआ। इस मौके पर लालजी यादव, प्रदीप सिंह, कमलाकांत, मनोज कुमार, परमानन्द श्रीवास्तव, महेंद्र श्रीवास्तव, शिवनाथ, कृष्णगोविन्द चौधरी, शिवसरन, अनिल मिश्रा, संतोष यादव, रामानन्द पाण्डेय, अनसुरहमान, घनश्याम चौधरी, कन्हैया लाल, रीता, संगीता चौधरी, स्वाति वर्मा, सुरेन्द्र गुप्ता, सरिता श्रीवास्तव, रागिनी सिह, मीनू पाण्डेय, मनीराम धनीराम, तौफीक अहमद, श्यामलाल, शबनम, बुद्धि सागर समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।





























