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जेल से रिहा पूर्व मंत्री रामकरन आर्या का स्वागत:सल्टौआ में सपा कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से किया अभिनंदन, जितेंद्र यादव के नेतृत्व में जुटे नेता

जेल से रिहाई के बाद पूर्व मंत्री रामकरन आर्या का शुक्रवार को बस्ती जिले के सल्टौआ चौराहे पर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।
महादेवा विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक रहे रामकरन आर्या के स्वागत कार्यक्रम का नेतृत्व सपा जिला उपाध्यक्ष और रुधौली विधानसभा प्रभारी जितेंद्र यादव ने किया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाईं।
कार्यक्रम में डीके वर्मा, संजय यादव, विधायक प्रतिनिधि कुलदीप मौर्य जीवन, जिला सचिव विकास वर्मा, रामचंद्र यादव, अरुण कुमार रिंकू, आज्ञाराम चौधरी, हरिश्चंद्र यादव, मो. रहीम और मंगल प्रसाद मोदनवाल मौजूद रहे।
सल्टौआ चौराहे पर बड़ी संख्या में सपा नेता और कार्यकर्ता जुटे। रामकरन आर्या की रिहाई के बाद समर्थकों में उत्साह दिखाई दिया।

अधिवक्ताओं ने जमुनहा-बहराइच मार्ग जाम किया:बैनामा निजीकरण का आदेश वापस लेने की मांग; एंबुलेंस को रास्ता दिया, वाहनों की कतार लगी

बैनामा निजीकरण और राजस्व न्यायालयों में अधिवक्ताओं की भूमिका खत्म करने के शासन के आदेश के विरोध में शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने जमुनहा-बहराइच राज्य मार्ग जाम कर आदेश वापस लेने की मांग की।
श्रावस्ती के मल्हीपुर में न्यू मॉडर्न बार एसोसिएशन तहसील जमुनहा के अधिवक्ताओं ने तहसील के सामने प्रदर्शन किया। मार्ग जाम होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पर असर पड़ा।
अधिवक्ताओं ने एंबुलेंस को रास्ता दिया। सूचना मिलने पर मल्हीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति पर नजर रखी।
प्रदर्शन में तहसील अध्यक्ष सत्यनारायण यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकुमार वर्मा, पूर्व अध्यक्ष कुलदीप वर्मा, पूर्व महामंत्री हरीश कुमार यादव, दिनेश प्रताप वर्मा, रामेंद्र कुमार यादव, प्रहलाद यादव, यशवंत कुमार सोनकर, रेवतीरमण श्रीवास्तव और राजकुमार यादव सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।

इसरो का एनवीएस- 03 उपग्रह लॉन्च: विदेश के भरोसे नहीं रहेगा भारत, स्वदेशी ‘नाविक’ दिखाएगा राह

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पीटीआई, श्रीहरिकोटा। भारत ने एक बार फिर दुनिया को अपनी वैज्ञानिक क्षमता का अहसास कराया है। अब भारत विदेशी नेविगेशन प्रणालियों के भरोसे नहीं रहेगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने देश की स्वदेशी नेविगेशन प्रणाली ‘नाविक’ (नेविगेशन विद इंडियन कान्स्टेलेशन) को नई शक्ति देने के लिए अगली पीढ़ी के नेविगेशन उपग्रह एनवीएस-03 को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर आर्बिट (जीटीओ) में स्थापित कर दिया है। इसके साथ ही स्वदेशी ‘नाविक’ बेहद शक्तिशाली और सटीक हो गया है।

भारत के लोग अब अपने नेविगेशन सिस्टम का उपयोग कर सकेंगे

यह सफलता भारत की ताकत को दर्शाती है जो अत्याधुनिक तकनीक के लिए केवल दूसरे देशों की ओर देखने के बजाय अपनी क्षमताओं के बल पर आगे बढ़ रहा है। भारत के लोग अब अपने नेविगेशन सिस्टम का उपयोग कर सकेंगे।

अब भारत की स्वदेशी नेविगेशन तकनीक का दायरा केवल सैन्य और विशेष तकनीकी जरूरतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में भी इसका महत्व बढ़ेगा।

यह सफलता महज एक उपग्रह को अंतरिक्ष में पहुंचाने की उपलब्धि नहीं है, बल्कि भारत के अपनेविगेशन नेटवर्क को मजबूत करने और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक कदम है।

विदेशी जीपीएस पर निर्भरता कम करने की इस पहल से भारत की सामरिक स्वायत्तता को भी नई मजबूती मिलेगी। 50 मीटर ऊंचे और तीन चरणों वाले जीएसएलवी-एफ18 राकेट ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लांच पैड से शुक्रवार रात 11 बजकर 51 मिनट पर एनवीएस-03 के साथ सफलता की उड़ान भरी और 2,232 किलोग्राम वजनी एनवीएस-03 को निर्धारित भू-समकालिक स्थानांतरण कक्षा या जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर आर्बिट (जीटीओ) में स्थापित कर मिशन पूरा किया।

स्मार्टफोन पर भी दिखेगा स्वदेशी तकनीक का दम

एनवीएस-03 की सबसे बड़ी खासियत इसकी नई सिग्नल क्षमता है। यह उपग्रह एल1, एल5 और एस बैंड पर सिग्नल प्रसारित करेगा। अभी तक नाविक मुख्य रूप से एल5 और एस बैंड पर काम करता था, लेकिन एनवीएस-03 के साथ एल1 बैंड भी इसमें शामिल हो गया है।

एल1 फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल दुनिया भर में स्मार्टफोन, स्मार्टवाच और अन्य आधुनिक वियरेबल उपकरणों में किया जाता है। इससे इससे आम लोग भी स्वदेशी नेविगेशन का आसानी से उपयोग कर सकेंगे।

एनवीएस-03 स्वदेशी रुबिडियम एटामिक क्लाक से लैस है। इसे इसरो के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र ने विकसित किया है। सेटेलाइट नेविगेशन में समय की अत्यधिक सटीक गणना महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि उपग्रहों से प्राप्त सिग्नल के समय के अंतर के आधार पर ही किसी स्थान की स्थिति का पता लगाया जाता है।

भारत की सीमाओं से 1,500 किलोमीटर तक मिलेगी सेवा

नाविक को अमेरिका के जीपीएस की तरह लोकेशन, नेविगेशन और टाइमिंग (पीएनटी) सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विकसित किया गया है।

इसकी कवरेज भारत और इसकी सीमाओं से लगभग 1,500 किलोमीटर तक के क्षेत्र में है। सड़क परिवहन, समुद्री नौवहन, विमानन, आपदा प्रबंधन और रणनीतिक गतिविधियों में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

एनवीएस-02 की तकनीकी खामी के बाद लिया सबक

इस मिशन में पिछले अनुभवों से मिली सीख के आधार पर तकनीकी बदलाव भी किए गए हैं। जनवरी 2025 में एनवीएस-02 मिशन के दौरान कनेक्टर में खराबी के कारण उपग्रह की प्रणोदन प्रणाली अपेक्षित तरीके से काम नहीं कर सकी थी।

इसके परिणामस्वरूप उपग्रह को निर्धारित अंतिम कक्षा तक पहुंचाने में कठिनाई आई थी। इस समस्या से बचने के लिए एनवीएस-03 में विशेष इंजीनियरिंग व्यवस्था अपनेई गई है।

‘नॉटी ब्वाय’ की चुनौती के बीच जीएसएलवी की अहम उड़ान

एनवीएस-03 का प्रक्षेपण जीएसएलवी-एफ18 राकेट के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण रहा। यह जीएसएलवी की 20वीं उड़ान है। जीएसएलवी एमके-2 को शुरुआती दौर में अपने क्रायोजेनिक तीसरे चरण की तकनीकी जटिलताओं के कारण कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था।

इसी वजह से इसे अनौपचारिक रूप से ‘नॉटी ब्वाय’ का नाम दिया गया। हालांकि, भारतीय वैज्ञानिकों ने लगातार परीक्षण, तकनीकी सुधार और अनुभव के आधार पर इस प्रक्षेपण यान की क्षमता को बेहतर बनाया है।

जीएसएलवी-एफ18 की सफलता इस बात का संकेत है कि भारत ने जटिल क्रायोजेनिक तकनीक में अपनी विशेषज्ञता को लगातार मजबूत किया है। यह उपलब्धि भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

एएसपी सिद्धार्थ ने PET केंद्रों का किया निरीक्षण:महराजगंज में दूसरे दिन की पहली पाली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था परखी

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की PET-2026 परीक्षा के दूसरे दिन की पहली पाली के दौरान महराजगंज में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, अभ्यर्थियों की जांच और प्रवेश प्रक्रिया देखी। साथ ही केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी और सतर्कता की जानकारी ली।
सिद्धार्थ ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा को नकलविहीन, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराने को कहा।
पुलिस प्रशासन ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

सब्जी के उधार पैसे मांगने पर बच्चों पर बाइक चढ़ाई:बस्ती में दो बच्चे घायल; पुलिस अधीक्षक के आदेश पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज

बस्ती के नगर थाना क्षेत्र में सब्जी के उधार पैसे मांगने पर एक व्यक्ति ने कथित तौर पर दो बच्चों पर बाइक चढ़ा दी। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
पिपरा गौतम पड़ाव निवासी संजय सोनकर, मिल्लू के बेटे, ने पुलिस अधीक्षक बस्ती को दिए आवेदन में बताया कि वह सब्जी बेचकर परिवार का गुजारा करते हैं। 29 सितंबर 2026 को शाम करीब 7 बजे वह अपनी 12 वर्षीय बेटी पायल और 10 वर्षीय बेटे गोपाल के साथ थे।
संजय के मुताबिक, सब्जी के उधार पैसे मांगने पर दर्जीजोत निवासी सज्जन सिंह, ढिलढिल सिंह के बेटे, से कहासुनी हुई। आरोप है कि सज्जन सिंह ने उनकी गाड़ी में मोटरसाइकिल टक्कर मारी, जिससे दोनों बच्चे घायल हो गए।
संजय का आरोप है कि विरोध करने पर सज्जन सिंह ने गालियां दीं और बच्चों पर कई बार बाइक चढ़ाई। इस घटना में संजय के दाहिने पैर के पंजे, चेहरे और हाथ पर चोट आई। पायल का दाहिना पैर टूट गया और उसके शरीर पर गंभीर चोटें आईं। गोपाल के दाहिने पैर में गंभीर चोट लगी और वह बेहोश हो गया।
आसपास के लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। संजय ने बताया कि उन्होंने नगर थाने में घटना की जानकारी दी थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें बाद में आने को कहा। उनका आरोप है कि आरोपी जान से मारने की धमकी दे रहा है और सुलह का दबाव बना रहा है।
इसके बाद संजय ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर नगर थानाध्यक्ष से मुकदमा दर्ज करने और घायलों का मेडिकल कराने की मांग की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर थाने में सज्जन सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दिल्ली के 10 बड़े अग्निकांड: झुग्गियों से लेकर अस्पतालों तक, जब-जब आग ने ली सैकड़ों मासूमों की जान

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली समय-समय पर भीषण अग्निकांडों की चपेट में आती रही है। झुग्गी-झोपड़ियों से लेकर होटल, फैक्ट्री, अस्पताल और कमर्शियल बिल्डिंग तक हर जगह आग ने कहर बरपाया है।

शॉर्ट सर्किट, ऑक्सीजन सिलेंडर विस्फोट, अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसी वजहें बार-बार दोहराई जाती हैं, लेकिन सबक नहीं सीखा जाता। पिछले कुछ वर्षों में हुई इन प्रमुख आग की घटनाओं ने सैकड़ों परिवारों को हमेशा के लिए तोड़ दिया है।

यहां प्रस्तुत है दिल्ली में हुई कुछ बड़ी और दिल दहला देने वाली अग्निकांड की घटनाओं का लेखा-जोखा:

  • 12 जून 2026 – तुगलकाबाद एक्सटेंशन में भीषण अग्निकांड में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हुई थी।
  • 3 जून 2026 – हौजरानी इलाके में स्थित गेस्ट हाउस में भीषण आग लगने से 23 लोगों की मौत हुई थी
  • 15 फरवरी 2024 – अलीपुर स्थित एक पेंट फैक्ट्री में लगी भीषण आग में 11 लोगों की जलकर मौत हो गई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
  • 25 मई 2024 – दिल्ली के विवेक विहार स्थित बेबी केयर न्यू बोर्न अस्पताल में भीषण अग्निकांड में सात नवजात शिशुओं की जान चली गई थी। यह आग कथित तौर पर आक्सीजन सिलिंडर में विस्फोट के कारण फैली थी।
  • 13 मई 2022 – मुंडका में मेट्रो पिलर नंबर 544 के पास एक चार मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में शार्ट सर्किट के कारण आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई थी।
  • 12 फरवरी 2019 – करोल बाग स्थित अर्पित पैलेस होटल में भीषण अग्निकांड में 17 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें एक बच्चा भी शामिल था।
  • 8 दिसंबर 2019 – रानी झांसी रोड स्थित अनाज मंडी (फिल्मिस्तान) में चार-पांच मंजिला इमारत में लगी आग में 43 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें ज्यादातर श्रमिक थे जो रात में सो रहे थे।
  • 20 जनवरी 2018 – बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में पटाखा व प्लास्टिक यूनिट में लगी आग में 17 लोगों की मौत हुई थी।
  • 13 अप्रैल 2018 – कोहाट एन्क्लेव के रिहायशी मकान में भीषण आग लगने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हुई थी।
  • 19 नवंबर 2018 – करोल बाग की फैक्ट्री में भीषण आग लगने से चार लोगों की मौत हुई थी और एक व्यक्ति घायल हुआ था।
  • 20 नवंबर 2011 – नंद नगरी कम्युनिटी हाल में लगी आग में 14 लोगों की मौत हुई थी और इस हादसे में 30 से अधिक लोग घायल हुए थे।

श्रावस्ती डीएम ने खेत में कराई धान की क्रॉप कटिंग:प्रति हेक्टेयर 55 कुंतल उपज का आकलन, बनाए गए 42 क्रय केंद्र

श्रावस्ती में खेतों में धान की वास्तविक पैदावार का आकलन करने के लिए जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग शुक्रवार शाम चार बजे विकासखंड हरिहरपुर रानी के ग्राम राजापुररानी पहुंचीं। यहां उन्होंने किसान हरिभजन के खेत में अपने सामने धान की क्रॉप कटिंग कराई। इसके बाद फसल की मड़ाई करवाकर उपज का वजन कराया और उत्पादकता का जायजा लिया। गाटा संख्या 1373 के 43.3 वर्गमीटर क्षेत्रफल में कराई गई क्रॉप कटिंग में 23.85 किलोग्राम धान की उपज प्राप्त हुई। इसके आधार पर प्रति हेक्टेयर 55 कुंतल उत्पादन का आकलन किया गया। डीएम ने बताया कि शासन के निर्देश पर हर साल क्रॉप कटिंग के माध्यम से फसलों की वास्तविक उत्पादकता का आकलन किया जाता है। इससे कृषि उत्पादन के सटीक आंकड़े जुटाने में मदद मिलती है। जिले में धान खरीद के लिए 42 केंद्र जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे बिचौलियों के बजाय सरकारी धान क्रय केंद्रों पर अपनी उपज बेचें, ताकि उन्हें फसल का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में जिले में धान खरीद के लिए 42 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। सरकारी केंद्रों पर धान बेचने के लिए खाद्य विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in पर पंजीकरण या नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। किसान स्वयं, जनसेवा केंद्रों या किसान मित्र ऐप के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं।

चक्रवाती तूफान के कारण कई राज्यों में बदला मौसम, दिल्ली में रहा अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन

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जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कई राज्यों का मौसम बदल गया है। कहीं भारी तो कहीं हल्की वर्षा से तापमान गिर गया है।

राजधानी दिल्ली में शुक्रवार अक्टूबर माह का सबसे ठंडा दिन रहा। अधिकतम तापमान गिरकर 20.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो 1951 के बाद अक्टूबर माह में सबसे कम अधिकतम तापमान है। यह सामान्य से 10.3 डिग्री कम दर्ज किया गया।

दिल्ली में चार साल में अक्टूबर माह में एक दिन में सबसे अधिक 61.4 मिमी मिमी वर्षा भी दर्ज की गई। इससे पहले नौ अक्टूबर, 2022 को 74 मिमी वर्षा हुई थी। मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी करते हुए राजधानी के कई हिस्सों में और बारिश तथा आंधी-तूफान की चेतावनी दी है।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ठंडी हवाओं के चलने से दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान सामान्य से नौ डिग्री सेल्सियस तक नीचे पहुंच गया। पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में मौसम का असर अधिक रहा।

प्रदेश में औसतन 7.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने शनिवार को भी लखनऊ समेत 20 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की है। बिहार में पटना सहित कई जिलों में पूरे दिन रुक-रुक कर वर्षा होती रही।

खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई है। कृषि कार्य भी बाधित हुआ है। किसानों ने धनकटनी रोक दी है। आलू की रोपाई स्थगित कर दी है। अर्णब के प्रभाव से पूरे मध्य प्रदेश में दिन का तापमान औसत पांच से छह डिग्री गिरा। भोपाल में 6.8 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई।

खजुराहो, राजगढ़ और सीधी में सर्वाधिक तीन-तीन मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते शुक्रवार को पंजाब के कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहे। इसका तापमान पर भी पड़ा।

शनिवार को पंजाब के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार हैं। हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है। राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों, खासकर किन्नौर, शिमला और लाहौल-स्पीति जिलों में हल्की बर्फबारी के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।

सिसवा में छठ महापर्व पर घाटों की तैयारियां हुई तेज:सुविधाओं को लेकर नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि ने दिए निर्देश

लोकआस्था के महापर्व छठ को लेकर सिसवा नगरपालिका में तैयारियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि गिरजेश जायसवाल ने वार्ड नंबर 25 मीराबाई नगर के पोखरा टोला स्थित छठ घाट का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने छठ महापर्व पर व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान गिरजेश जायसवाल ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को घाट की साफ-सफाई, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं को व्यवस्थित ढंग से पूरा कराने के लिए कहा। उन्होंने विशेष रूप से घाट परिसर को स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक बनाने पर जोर दिया, ताकि छठ व्रतियों को पूजा-अर्चना और भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करने में बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इस अवसर पर गिरजेश जायसवाल ने कहा कि छठ महापर्व हमारी आस्था, परंपरा और लोकसंस्कृति का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर व्रतियों और श्रद्धालुओं की सेवा तथा उनकी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखना हमारी प्राथमिकता है। नगर पालिका की ओर से घाटों पर स्वच्छता, रोशनी, सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालु श्रद्धा और उल्लास के साथ महापर्व मना सकें।
उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सभी तैयारियां निर्धारित समय में पूरी करने की अपेक्षा जताई। नगरपालिका की इस पहल से छठ महापर्व पर घाटों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में तैयारियों को गति मिली है।

बस्ती में किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त का प्रसारण:बनासकांठा से हुए कार्यक्रम में 155 किसान शामिल, प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के हस्तांतरण का सजीव प्रसारण 30 अक्टूबर 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र, बस्ती में हुआ। कार्यक्रम गुजरात के बनासकांठा से लाइव दिखाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा के बस्ती जिलाध्यक्ष वरुण पाण्डेय मौजूद रहे। कृषि विज्ञान केंद्र, बस्ती के प्रभारी अधिकारी और वैज्ञानिकों के साथ संयुक्त कृषि निदेशक राम बचन राम और उप कृषि निदेशक अशोक कुमार भी शामिल हुए। कृषि और संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद थे। जनपद के करीब 155 किसान और महिला किसान कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्हें किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद और योजना के महत्व की जानकारी दी गई। प्रगतिशील किसान अवनींद्र कुमार दुबे, राजेंद्र सिंह और महिला किसान संजू व रेनू सिंह को सम्मानित किया गया। खेत बचाओ अभियान के तहत कृषि प्रचार वाहन को झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से जोड़ना और कृषि व ग्रामीण विकास के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. पी. के. मिश्रा, हरिओम मिश्रा, आर. वी. सिंह, विनोद बहादुर सिंह और डॉ. अंजलि वर्मा सहित केंद्र के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।