कहते हैं हर कामयाब महिला के पीछे किसी पुरुष का हाथ होता है, लेकिन वाराणसी के शिवपुर में इसका उल्टा ही देखने को मिला। एक पति ने मजदूरी करके पत्नी को पढ़ाया-लिखाया और सिपाही बनाया, अब वही पत्नी उसे धमका रही है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने महिला सिपाही और उसके मायके वालों पर मुकदमा दर्ज किया है।
ये है मामला
मामला शिवपुर थाना क्षेत्र का है। पीड़ित माता प्रसाद यादव ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। माता प्रसाद ने बताया कि उसकी शादी साल 2011 में ममता यादव से हुई थी। माता प्रसाद खुद 10वीं पास है और मजदूरी कर परिवार चलाता है। शादी के बाद उसने देखा कि पत्नी पढ़ने में तेज है तो उसने उसे आगे पढ़ाने का फैसला किया।
माता प्रसाद ने कड़ी मेहनत कर पत्नी को बीए, एमए, बीएड कराया और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई। मेहनत रंग लाई और ममता का चयन आबकारी विभाग प्रयागराज में महिला कांस्टेबल के पद पर हो गया।
आरोप है कि वर्दी मिलते ही ममता के तेवर बदल गए। वह पति को ताना मारने लगी, आए दिन झगड़ा करने लगी। माता प्रसाद जब बच्चों से मिलने जाता तो उसे मिलने तक नहीं दिया जाता।
लगाया ये आरोप
पीड़ित का आरोप है कि 8 जनवरी 2024 को ममता अपने दो भाई आशीष और सतीश के साथ उसके घर आई और अलमारी में रखे 48 हजार रुपये नकद, सोने की अंगूठी, चेन और घड़ी लेकर चली गई। विरोध करने पर जान से मारने और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। जब उसने ससुर नखड़ु यादव से शिकायत की तो उन्होंने भी गाली-गलौज कर धमकाया।
कोर्ट के आदेश पर शिवपुर पुलिस ने महिला कांस्टेबल ममता यादव, उसके पिता नखड़ु यादव और दोनों भाई आशीष व सतीश के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।















































