महराजगंज के विकासखंड मिठौरा स्थित ब्लॉक परिसर में गुरुवार को सास-बहू सम्मेलन के साथ एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का फोकस महिलाओं को सुरक्षा, अधिकारों और सामाजिक समस्याओं के प्रति जागरूक करना रहा। प्रशिक्षण में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, साइबर अपराध और महिलाओं से जुड़ी अन्य चुनौतियों पर जानकारी दी गई। अलग-अलग विभागों से जुड़ी महिलाओं, स्वयं सहायता समूह की सखी, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधियों ने भी प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। सास-बहू सम्मेलन में सुरक्षा और अधिकारों पर चर्चा कार्यक्रम का उद्देश्य परिवार और समाज में महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को बताया गया कि किसी भी तरह की हिंसा, उत्पीड़न या परेशानी को चुपचाप सहने के बजाय उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में पुलिस, संबंधित विभागों और उपलब्ध सहायता तंत्र की मदद लेने के बारे में भी जानकारी दी गई। छह प्रशिक्षकों के साथ प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण प्रशिक्षक अभय सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में छह प्रशिक्षकों के साथ विभिन्न विभागों से जुड़ी महिलाएं और प्रतिभागी शामिल हुए। पूर्णिमा, रोना, भारतीय, आनंद गुप्ता और संजय देवी समेत अन्य प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। प्रशिक्षण में महिलाओं के सामने आने वाली सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं को समझने तथा उनके समाधान के लिए उपलब्ध माध्यमों की जानकारी दी गई। शिक्षा, पंचायत और स्वास्थ्य विभाग की भागीदारी कार्यक्रम में शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वयं सहायता समूह की सखी और आशा कार्यकर्ताओं को भी प्रशिक्षण दिया गया। अलग-अलग स्तर पर महिलाओं के संपर्क में रहने वाले इन कार्यकर्ताओं को जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण की जानकारी को गांव और परिवारों तक पहुंचाना भी रहा। रिश्ते मजबूत करने से लेकर समूह की ताकत तक प्रशिक्षण के दौरान छह प्रमुख विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इनमें संबंध निर्माण, ‘मेरी ताकत मेरा समूह’, बिना बताए घर से चले जाना, साइबर सुरक्षा, घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न शामिल रहे। प्रशिक्षकों ने इन विषयों को उदाहरणों के जरिए समझाते हुए महिलाओं को परिवार और समाज में संवाद बनाए रखने तथा जरूरत पड़ने पर सामूहिक सहयोग लेने के लिए प्रेरित किया। साइबर ठगी से बचने के बताए तरीके साइबर सुरक्षा को लेकर महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। प्रशिक्षकों ने कहा कि अनजान नंबरों से आने वाले फोन कॉल, संदिग्ध मैसेज और किसी भी तरह के संदिग्ध लिंक से सावधान रहना चाहिए। किसी व्यक्ति को निजी जानकारी, ओटीपी या बैंकिंग से जुड़ी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई। साइबर अपराध की स्थिति में संबंधित तंत्र से मदद लेने के बारे में भी बताया गया। हिंसा या उत्पीड़न हो तो मदद लेने की अपील घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न के मामलों में महिलाओं को चुप नहीं रहने की सलाह दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि ऐसी स्थिति आने पर संबंधित विभागों, पुलिस और उपलब्ध हेल्पलाइन की सहायता ली जा सकती है। प्रशिक्षकों ने कहा कि जागरूकता और सही समय पर मदद लेने से महिलाओं को कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलने में सहायता मिल सकती है। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जानकारी देना रहा।
निचलौल में सुभासपा की संगठनात्मक बैठक:बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर...
महराजगंज जिले के निचलौल में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) की संगठनात्मक बैठक रामजानकी मंदिर परिसर में हुई। बैठक में पार्टी संगठन को मजबूत...




































