
मिहींपुरवा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के मौके पर मिहींपुरवा खंड के सेमरहना स्थित एसपीवीपी इंटर कॉलेज में युवा सम्मेलन और युवा-संवाद प्रतियोगिता हुई। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य लोगों ने मां सरस्वती के चित्र पर फूल चढ़ाकर और दीप जलाकर किया। प्रतियोगिता में छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। उन्होंने “भारत का संविधान और भारत की संस्कृति” विषय पर अपने विचार रखे। छात्रों ने भारत की पुरानी संस्कृति, विविधता और राष्ट्रीय एकता के बारे में बताया। वक्ताओं ने कहा कि भारत की संस्कृति हजारों साल पुरानी है। देश में भाषा, पहनावा, रहन-सहन और परंपराओं में अलग-अलग चीजें होने के बावजूद भारतीय समाज एक साथ जुड़ा हुआ है। आपसी भाईचारा और एक-दूसरे के साथ रहना भारतीय संस्कृति की खास बातें हैं। विद्यार्थियों ने भारतीय संविधान की भूमिका पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने संविधान बनाने वाले डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर और संविधान सभा के योगदान को याद किया। छात्रों ने कहा कि संविधान देश के नागरिकों के अधिकार और कर्तव्यों का आधार है। इसमें हालात के हिसाब से जरूरी नियम बनाए गए हैं। मुख्य अतिथि मिहींपुरवा के नायब तहसीलदार ऋषि शुक्ला ने छात्रों को गाइड किया। उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं। उन्हें अपना लक्ष्य तय करके मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए। शिक्षा के जरिए वे अपने भविष्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ देश बनाने में भी मदद कर सकते हैं। इस कार्यक्रम में सीमा जागरण मंच अवध प्रांत के महामंत्री अनिल कुशवाहा, प्रांत सह प्रचार प्रमुख योगेंद्र मौर्य उर्फ पिंटू मौर्य, नानपारा जिले के सह जिला कार्यवाह तीरथ राम, जिला पर्यावरण प्रमुख सोमवर्धन पांडे, सीमा जागरण मंच के जिला युवा प्रमुख राहुल पोरवाल, नगर प्रचारक आदर्श और खंड कार्यवाह आशीष समेत कई और गणमान्य लोग मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन छात्रों और मौजूद लोगों ने राष्ट्रहित, सामाजिक एकता और युवा जागरूकता का संकल्प लेकर किया।
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