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बहराइच में तेंदुए के हमले में घायल मासूम की मौत:एक हफ्ते तक जिंदगी से जूझती रही 3 साल की लाडो, गांव में तेंदुए की दस्तक से दहशत

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बहराइच के शिवपुर ब्लॉक के जूड़ा ग्राम पंचायत के खटकन पुरवा गांव में तेंदुए के हमले में गंभीर घायल 3 साल की लाडो की रविवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। एक हफ्ते तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद मासूम की मौत की खबर से गांव में मातम छा गया। इस घटना के बाद से इलाके में तेंदुए की लगातार दस्तक से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, 6 सितंबर की शाम करीब 6:40 बजे लाडो अपनी मां अनीता के साथ घर के पास नल पर खड़ी थी। मां पानी निकाल रही थी, तभी पीछे से चुपचाप पहुंचे तेंदुए ने लाडो को जबड़े में दबोच लिया। वह उसे करीब 30 मीटर दूर झाड़ियों में ले गया। परिजनों के शोर मचाने पर ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर शोर मचाते हुए तेंदुए के पीछे दौड़े। ग्रामीणों के दबाव में तेंदुआ मासूम को बुरी तरह घायल छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। परिजनों ने लाडो को तुरंत सीएचसी नानपारा पहुंचाया। वहां हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर किया गया। शुरुआती इलाज के बाद उसे लखनऊ भेज दिया गया, जहां रविवार सुबह इलाज के दौरान लाडो ने दम तोड़ दिया। परिजन शव लेकर गांव पहुंचे और घटना की सूचना पुलिस, वन विभाग एवं राजस्व विभाग को दी।
सूचना पर उपनिरीक्षक राम सुधार यादव, कांस्टेबल हेमंत कश्यप, वन दरोगा बृजेश वर्मा, वन रक्षक रामानंद मिश्रा, वनकर्मी शेष कुमार व लल्लन, क्षेत्रीय लेखपाल शुभम यादव तथा प्रधान प्रतिनिधि विनोद निषाद मौके पर पहुंचे। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

लगातार घरों के आसपास पहुंच रहा तेंदुआ

ग्रामीणों के मुताबिक घटना के अगले दिन तेंदुआ रमाकांत के घर के पास पहुंचा था। शनिवार रात भी रामसमुझ के घर के आसपास उसकी दस्तक हुई। लोगों के जाग जाने के कारण तेंदुआ इस बार किसी को शिकार नहीं बना सका। लगातार हो रही गतिविधियों से ग्रामीणों में भय का माहौल है।

पिंजड़ा और ट्रैप कैमरों से निगरानी

वन विभाग ने घटना स्थल से करीब 500 मीटर दूर पिंजड़ा लगाया है। साथ ही दो ट्रैप कैमरों के माध्यम से तेंदुए की निगरानी की जा रही है। वन विभाग की टीम उसे पकड़ने का प्रयास कर रही है, लेकिन तेंदुआ अब तक पिंजड़े के पास नहीं पहुंचा है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

गांव के पास ही है घना जंगल

ग्रामीणों के अनुसार खटकन पुरवा गांव से करीब एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर घना बघौली जंगल है। आशंका जताई जा रही है कि तेंदुआ इसी जंगल से निकलकर रात में आबादी के आसपास शिकार की तलाश में पहुंच रहा है।

मां बौरी समय मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की भी बढ़ी चिंता

घटना स्थल के पास जंगल में प्रसिद्ध मां बौरी समय देवी मंदिर भी स्थित है, जहां नवरात्रि समेत अन्य दिनों में सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। तेंदुए के हमले के बाद ग्रामीणों के साथ श्रद्धालुओं में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी ग्रामीण प्रमोद कुमार, शमशाद अली, कुलदीप सहनी, मयाराम सोनकर और प्रतापी ने बताया कि गांव में अघोषित बिजली कटौती के कारण रात में अंधेरा छा जाता है। उनका आरोप है कि खराब लाइन या ट्रांसफार्मर की शिकायत करने के बावजूद समस्या का समय से समाधान नहीं होता। एक वन अधिकारी ने बताया कि गांव के आसपास दो ट्रैप कैमरे और एक पिंजड़ा लगाकर लगातार निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पीड़ित परिवार को तत्काल आठ हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।