
बहराइच के नानपारा कोतवाली क्षेत्र के खटकन पुरवा जुड़ा गांव में तेंदुए के हमले में घायल तीन साल की लाडो की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना शनिवार देर रात हुई। रविवार सुबह जब शव गांव पहुंचा तो परिवार में मातम छा गया। पुलिस ने शव को अपने पास लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वन विभाग ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता देने की बात कही है। जानकारी के मुताबिक, यह घटना एक सप्ताह पहले रविवार शाम करीब सात बजे हुई थी। खटकन पुरवा जुड़ा गांव निवासी सीताराम की पत्नी अनीता घर के आंगन में नल पर पानी भर रही थीं। उनकी तीन साल की बेटी लाडो भी उनके पास खड़ी थी। तभी अचानक घर में घुसे एक तेंदुए ने लाडो पर हमला कर दिया। तेंदुआ उसे अपने जबड़े में दबाकर खेतों की ओर भाग निकला। बेटी को तेंदुए के मुंह में देखकर मां अनीता ने शोर मचाया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर तेंदुए के पीछे दौड़ पड़े। गंभीर हालत में लखनऊ रेफर किया गया ग्रामीणों के लगातार पीछा करने पर करीब 30 मिनट बाद तेंदुआ बच्ची को छोड़कर भाग गया। तेंदुआ घर से लगभग चार सौ मीटर दूर खेत में बच्ची को घायल हालत में छोड़कर भागा था। ग्रामीणों ने बच्ची को गंभीर हालत में बरामद कर परिजनों को सौंपा। परिजन तुरंत उसे नानपारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बच्ची की गंभीर हालत देखकर उसे लखनऊ रेफर कर दिया था। लखनऊ में करीब एक सप्ताह से लाडो का इलाज चल रहा था। शनिवार देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत से परिजनों का दुख गहरा गया है। इस घटना के बाद से गांव में डर का माहौल बना हुआ है। बहराइच के डीएफओ सुन्दरेसा ने बताया कि तेंदुए के हमले में घायल मासूम की मौत की जानकारी मिली है। वन विभाग की ओर से जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी।



























