सरकारी बजट पर दीमक का वार, ‘लापरवाह’ सिस्टम से कराह रहे लाचार
श्रावस्ती से स्वास्थ्य महकमे की एक ऐसी शर्मनाक और दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर आप दंग रह जाएंगे। जो अस्पताल लोगों को नई जिंदगी देने का दावा करता है, वही अस्पताल आज मरीजों को नई बीमारियां बांट रहा है। एक तरफ वार्डों में एक-एक बेड पर तीन-तीन लाचार मरीजों को ठूंस दिया गया है, तो दूसरी तरफ अस्पताल की छत पर जनता की गाढ़ी कमाई से खरीदे गए लाखों रुपये के बेड, गद्दे और स्ट्रेचर खुले आसमान के नीचे सड़कर कबाड़ बन रहे हैं। हद तो तब हो गई जब जीवनदायिनी पानी के नाम पर मरीजों को खुली टंकियों का सड़ा और बदबूदार पानी पिलाया जा रहा है। नीति आयोग की रैकिंग में अव्वल आने का ढोंग रचने वाले श्रावस्ती जिला अस्पताल की कड़वी हकीकत यह कोई कबाड़खाना नहीं, बल्कि श्रावस्ती का जिला संयुक्त चिकित्सालय है। अस्पताल की छत का यह नजारा स्वास्थ्य विभाग के दावों की हवा निकालने के लिए काफी है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि लाखों रुपये की लागत से आए नए गद्दे, कुर्सियां, व्हीलचेयर और दर्जनों कीमती बेड धूप और बारिश में सड़कर मिट्टी में मिल रहे हैं। सरकार जनता की सेहत सुधारने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रही है, लेकिन श्रावस्ती के जिम्मेदार अफसर उस बजट को दीमक की तरह चाटने और कबाड़ में बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।
नीचे वार्डों की स्थिति किसी नरक से कम नहीं है। एक-एक बेड पर दो से तीन गंभीर मरीजों को लाचारी में लिटाया गया है। मरीज कराह रहे हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन को कोई फर्क नहीं पड़ता। इतना ही नहीं, दवा के साथ जिस पानी को पीकर मरीज ठीक होने की उम्मीद कर रहे हैं, वह दरअसल बीमारियों का ज़हर है। छतों पर लगी पानी की टंकियों के ढक्कन गायब हैं। पक्षियों की बीट, धूल और गंदगी से भरे इस दूषित पानी को पीने के लिए मासूम मरीज और उनके बेबस तीमारदार मजबूर हैं।
श्रावस्ती एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट में शुमार है, जहां नीति आयोग सीधे तौर पर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी करता है। लेकिन जिला अस्पताल का यह प्रशासन फाइलों में फर्जी आंकड़े चमकाकर सीधे नीति आयोग और सरकार की आंखों में धूल झोंक रहा है। कागजों पर ‘सब चंगा सी’ दिखाया जाता है, जबकि जमीन पर अस्पताल खुद संक्रमण और महामारी का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है।मामला प्रकाश में आया है जांच करवा कर कार्रवाई की जाएगी आपके द्वारा मामला प्रकाश में आया और इस पर एक जांच बैठाई जाएगी और जाँच करके कार्रवाई की जाएगी कि जो सरकार के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है वह किन के माध्यम से किया जा रहा है इसपर कार्यवाही होगी
छत पर खुले आसमान के नीचे धूप-बारिश में सड़ते हुए सरकारी गद्दे, जंग लगे दर्जनों बेड, टूटी व्हीलचेयर और लावारिस कबाड़ का वाइडछत पर रखी बिना ढक्कन वाली पानी की टंकियों का टॉप-एंगल क्लोज़अप, जिसमें तैरती गंदगी






























