‘सेल्फी विद डॉटर’ से मजबूत होगा बेटियों के सम्मान का संदेश- जिलाधिकारी
श्रावस्ती। “अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस” के अवसर पर 11 अक्टूबर 2026 को जनपद श्रावस्ती में बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा एवं सशक्तीकरण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘सेल्फी विद डॉटर’ पहल संचालित की जा रही है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की पहल के माध्यम से समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने, उन्हें समान अवसर प्रदान करने तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया जाएगा। जिसके तहत जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने अपनी बेटी वर्धन्या के साथ सेल्फी लेकर लोगों को प्रेरित किया। इसके साथ ही जिले के अन्य अधिकारियों क्रमशः जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, खंड शिक्षा अधिकारी सिरसिया, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारियों ने अपनी अपनी बेटियों के सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर साझा किया और बालिकाओं के उत्थान का संदेश दिया।इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस प्रत्येक वर्ष 11 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों को प्रोत्साहित करना तथा उनके सामने आने वाली सामाजिक, शैक्षिक एवं आर्थिक चुनौतियों के प्रति लोगों को जागरूक करना है। बालिकाओं को जन्म से लेकर जीवन के प्रत्येक चरण में भेदभाव, हिंसा, असमानता एवं विभिन्न सामाजिक कुरीतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उन्हें सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सुविधाएं और अपने अधिकारों की जानकारी उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।
वर्ष 2026 में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बाल विवाह की समाप्ति और बालिकाओं के अधिकारों में निवेश के महत्व पर विशेष जोर दिया जा रहा है। बाल विवाह बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वतंत्रता और भविष्य की संभावनाओं को प्रभावित करता है। इसलिए बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए परिवारों, समुदायों, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।जनपद श्रावस्ती में प्रस्तावित ‘सेल्फी विद डॉटर’ पहल के माध्यम से अभिभावकों एवं आमजन को अपनी बेटियों के साथ तस्वीर लेकर उनके प्रति प्रेम, गर्व और सम्मान की भावना व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य केवल तस्वीर साझा करना नहीं, बल्कि समाज में यह संदेश प्रसारित करना है कि बेटियां परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उन्हें भी शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए।
इस पहल के माध्यम से लोगों को बेटियों की उपलब्धियों पर गर्व करने, उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने तथा उनके सपनों को साकार करने में सहयोग देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनमें आत्मविश्वास विकसित करने और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के महत्व पर भी प्रकाश डाला जाएगा।
सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जनभागीदारी का आह्वान
बालिकाओं के सशक्तीकरण के लिए बाल विवाह, कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा तथा लिंग आधारित भेदभाव जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करना आवश्यक है। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने में सहयोग करना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का संदेश है कि प्रत्येक बालिका को सम्मानपूर्वक जीवन जीने, शिक्षा प्राप्त करने, स्वस्थ रहने और अपनी क्षमताओं के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले। बालिकाओं को सशक्त बनाना केवल उनके व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक शिक्षित, समानतापूर्ण और विकसित समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
आइए, अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर संकल्प लें कि हर बेटी को सम्मान, शिक्षा, सुरक्षा और समान अधिकार देंगे तथा बाल विवाह एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
संदेश: “बेटी बचाएं, बेटी पढ़ाएं; बाल विवाह मिटाएं, बालिकाओं के अधिकारों को बढ़ाएं।”





















