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अजमेर मेयर चुनाव में दिलचस्प मुकाबला, कांग्रेस के 37 और भाजपा के 32 पार्षद

अजमेर। अजमेर नगर निगम में मेयर पद के लिए आज चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। 80 वार्डों वाले इस नगर निगम में सुबह 10 बजे से पार्षद मेयर पद के लिए मतदान कर रहे हैं, जिसके तुरंत बाद वोटों की गिनती कर परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि किसी भी दल के पास अपने दम पर पूर्ण बहुमत नहीं है। ऐसे में 11 निर्दलीय पार्षदों का रुख ही मेयर की कुर्सी का फैसला करेगा।

कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन बहुमत से चार कदम दूर

अजमेर नगर निगम चुनाव के परिणामों में कांग्रेस 37 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, जबकि भाजपा के खाते में 32 सीटें आई हैं। इसके अलावा 11 सीटों पर निर्दलीय पार्षदों ने जीत दर्ज की है।

  • बहुमत का गणित: 80 सदस्यीय सदन में बहुमत का जादुई आंकड़ा 41 है। इस लिहाज से कांग्रेस को बहुमत पाने के लिए 4 और भाजपा को 9 और पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता है। दोनों ही दल जादुई आंकड़े से दूर हैं, जिसके चलते निर्दलीय पार्षदों की भूमिका सबसे अहम हो गई है।

अनामिका शर्मा और किरण गढ़वाल के बीच सीधा मुकाबला

मेयर पद के लिए भाजपा ने वार्ड 3 की पार्षद अनामिका शर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से वार्ड 57 की पार्षद किरण गढ़वाल मैदान में हैं। दोनों ही प्रत्याशी सामान्य महिला वर्ग से ताल्लुक रखती हैं। चुनाव से पहले कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल के नामांकन पर भाजपा द्वारा आपत्ति भी दर्ज कराई गई थी, जिसे जांच के बाद खारिज कर दिया गया और उनका नामांकन वैध करार दिया गया। इसके बाद दोनों के बीच मुकाबला पूरी तरह तय हो गया।

11 निर्दलीयों पर टिकी दोनों दलों की नजरें

पूर्ण बहुमत न होने के कारण दोनों ही दलों ने अपने-अपने पार्षदों की बाड़ाबंदी कर रखी है। कांग्रेस पार्टी ने दावा किया है कि उसे 5 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन हासिल है, वहीं भाजपा ने भी अपनी चुनावी रणनीति के तहत निर्दलीयों को साधने के पूरे प्रयास किए हैं। अब सबकी निगाहें मतदान और मतगणना पर टिकी हैं कि ये 11 निर्दलीय पार्षद किसके पाले में जाकर मेयर चुनाव का ऊंट किस करवट बैठाते हैं।