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लखनऊ। रविवार सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम अखिलेश यादव के सामने आईपीएस अविनाश पांडेय द्वारा की गई बर्बरता का दर्द छलक पड़ा। मेरठ के दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने उन्हें अपने साथ मेरठ के पुलिस कप्तान अविनाश पाण्डेय द्वारा किए गए दुर्व्यवहार के बारे में बताया। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी भी उनके साथ रहे। दिग्विजय सिंह भाटी ने बताया कि वे और मोहित जाटव 17 अगस्त 2026 को लखनऊ में अखिलेश यादव से मिलने आए थे। उन पर फर्जी मुकदमें लगाए जा रहे है। 19 अगस्त 2026 को तत्कालीन पुलिस कप्तान अविनाश पाण्डेय ने दोनों साथियों को बुलाया। उनके कार्यालय में जाते ही पुलिस कप्तान ने गालियां देते हुए कहा कि तुम गूजर नेता बनते हो, तुम दलित हो। तुम सबको नेता बनाता हॅू। इसके बाद अलग कक्ष में ले जाकर दोनों की बुरी तरह पिटाई की गई। उनके पैर ऊपर बांध कर पीटा गया। कप्तान की मार से दिग्विजय भाटी के आंख पर गंभीर चोट लगी। मोहित जाटव को भी यातनाएं दी गई। दिग्विजय भाटी एवं मोहित जाटव ने बताया कि रात में उन्हें सिविल लाइंस थाना लाया गया फिर जीप पर बिठाकर 3-4 किमी. तक घुमाते रहे। लगता है उनके एनकाउंटर की योजना थी। इस बीच सूचना पाकर विधायकअतुल प्रधान ने जीप के आगे अपनी गाड़ी लगा दी और पुलिस के रवैये पर रोश जताया। तब इन लोगों को छोड़ा गया लेकिन अभी तक इनका मेडिकल नहीं कराया गया। अखिलेश यादव ने भरोसा दिलाया कि समाजवादी पार्टी भाटी और जाटव भाई को न्याय दिलाने में मदद करेगी। पार्टी उनके साथ है। दोषी अफसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। समाजवादी सरकार बनने पर इस सम्बंध में कड़ी कार्रवाई होगी।

























