सिद्धार्थनगर जिले के खेसरहा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सवाड़ाड़ में स्थित प्राथमिक विद्यालय का मुख्य भवन जर्जर हो गया है। सुरक्षा कारणों से विद्यालय प्रशासन ने इसके एक कमरे को बंद कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप, बच्चों की कक्षाएं अब एसीआर (एडिशनल क्लासरूम) कक्षों में संचालित की जा रही हैं, जिससे शिक्षण व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। विद्यालय का मुख्य भवन लंबे समय से मरम्मत के अभाव में है, जिसके कारण उसकी स्थिति काफी खराब हो चुकी है। विद्यालय प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जर्जर कमरे में कक्षाएं लगाना बंद कर दिया है। अब सभी कक्षाएं सीमित एसीआर कक्षों में चलाई जा रही हैं, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। अभिभावकों ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए एक सुरक्षित और सुविधाजनक भवन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से जर्जर भवन की तत्काल मरम्मत कराने या नए भवन का निर्माण करने की मांग की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। प्रधानाचार्य ओम प्रकाश पांडे ने बताया कि मुख्य भवन की खराब स्थिति के कारण संबंधित कमरे का उपयोग बंद कर दिया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि वर्तमान में बच्चों की पढ़ाई एसीआर कक्षों में हो रही है और विद्यालय प्रशासन बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्रदान करने को प्राथमिकता दे रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी नीरज सिंह ने जानकारी दी कि क्षेत्र के जर्जर विद्यालय भवनों की सूची प्रशासन को भेजी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि भवन स्वीकृत होने के बाद शासन के नियमानुसार नए भवन का निर्माण कराया जाएगा। अब ग्रामीणों और अभिभावकों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। वे भवन निर्माण की स्वीकृति और बच्चों के लिए सुरक्षित भवन उपलब्ध होने का इंतजार कर रहे हैं।
सवाड़ाड़ प्राथमिक विद्यालय का मुख्य भवन जर्जर:सुरक्षा के कारण एक कमरा बंद, एसीआर कक्षों में चल रही पढ़ाई
सिद्धार्थनगर जिले के खेसरहा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सवाड़ाड़ में स्थित प्राथमिक विद्यालय का मुख्य भवन जर्जर हो गया है। सुरक्षा कारणों से विद्यालय प्रशासन ने इसके एक कमरे को बंद कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप, बच्चों की कक्षाएं अब एसीआर (एडिशनल क्लासरूम) कक्षों में संचालित की जा रही हैं, जिससे शिक्षण व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। विद्यालय का मुख्य भवन लंबे समय से मरम्मत के अभाव में है, जिसके कारण उसकी स्थिति काफी खराब हो चुकी है। विद्यालय प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जर्जर कमरे में कक्षाएं लगाना बंद कर दिया है। अब सभी कक्षाएं सीमित एसीआर कक्षों में चलाई जा रही हैं, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। अभिभावकों ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए एक सुरक्षित और सुविधाजनक भवन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से जर्जर भवन की तत्काल मरम्मत कराने या नए भवन का निर्माण करने की मांग की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। प्रधानाचार्य ओम प्रकाश पांडे ने बताया कि मुख्य भवन की खराब स्थिति के कारण संबंधित कमरे का उपयोग बंद कर दिया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि वर्तमान में बच्चों की पढ़ाई एसीआर कक्षों में हो रही है और विद्यालय प्रशासन बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्रदान करने को प्राथमिकता दे रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी नीरज सिंह ने जानकारी दी कि क्षेत्र के जर्जर विद्यालय भवनों की सूची प्रशासन को भेजी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि भवन स्वीकृत होने के बाद शासन के नियमानुसार नए भवन का निर्माण कराया जाएगा। अब ग्रामीणों और अभिभावकों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। वे भवन निर्माण की स्वीकृति और बच्चों के लिए सुरक्षित भवन उपलब्ध होने का इंतजार कर रहे हैं।


























