सिद्धार्थनगर के खेसरहा क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालय ठढवरिया की बाउंड्रीवॉल पिछले 10 महीने से टूटी पड़ी है। बरसात के दौरान यह दीवार अचानक गिर गई थी। इसके बाद से अब तक इसका निर्माण नहीं कराया गया है, जिससे स्कूल परिसर की सुरक्षा खतरे में है। स्कूल गांव के बाहर और बाढ़ प्रभावित इलाके में है, इसलिए बाउंड्रीवॉल का होना और भी जरूरी है। दीवार टूटने से स्कूल का परिसर खुला है। इससे बाहरी लोग और आवारा पशु कभी भी अंदर आ सकते हैं। बरसात में बाढ़ और पानी भरने की स्थिति में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ जाती है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में छोटे बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे में परिसर को सुरक्षित रखने के लिए चारों तरफ मजबूत बाउंड्रीवॉल होनी चाहिए। करीब 10 महीने पहले बारिश के दौरान स्कूल की बाउंड्रीवॉल गिर गई थी। इस घटना के बाद से अब तक दीवार का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है, जिससे स्कूल प्रबंधन को भी सुरक्षा से जुड़ी दिक्कतें आ रही हैं। प्रधानाध्यापक संजय नायक ने बताया कि बरसात में स्कूल की बाउंड्रीवॉल गिर गई थी। स्कूल गांव के बाहर और बाढ़ प्रभावित इलाके में है। ऐसे में स्कूल परिसर और बच्चों की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल का निर्माण बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस समस्या की जानकारी अधिकारियों को दे दी गई है। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी नीरज सिंह ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय ठढवरिया की टूटी बाउंड्रीवॉल की जानकारी ली जाएगी और जरूरी कार्रवाई होगी। स्कूल की सुरक्षा को देखते हुए निर्माण कार्य के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा और जल्द ही इसका समाधान करने की कोशिश की जाएगी।
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