श्रावस्ती के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में सोमवार को दोपहर करीब 2 बजे नवाचार महोत्सव एवं बेस्ट प्रैक्टिसेज-2026 का आयोजन किया गया। महोत्सव में शिक्षकों ने शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाने वाले विभिन्न नवाचारी मॉडलों का प्रदर्शन किया। शिक्षकों के मॉडलों ने अतिथियों और निर्णायक मंडल का ध्यान आकर्षित किया। चयनित श्रेष्ठ नवाचारों को राज्य स्तर के लिए नामित किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ डायट प्रशिक्षुओं के स्वागत गीत और सरस्वती वंदना से हुआ। प्राचार्य राम प्रताप सिंह ने कहा कि नवाचार शिक्षा की गुणवत्ता का आधार है। कक्षा में शिक्षकों के नए प्रयोगों से बच्चों की सीखने में रुचि बढ़ती है और वे विज्ञान एवं तकनीक से बेहतर तरीके से जुड़ते हैं। उन्होंने कहा कि बुनियादी शिक्षा के साथ माध्यमिक शिक्षा में भी नवाचार की आवश्यकता है। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए टीएलएम सराहनीय हैं और ऐसे प्रयासों को अन्य विद्यालयों में भी अपनाया जाना चाहिए। वरिष्ठ प्रवक्ता रमेश चन्द्र मौर्य ने कहा कि डायट का उद्देश्य शिक्षकों को निरंतर प्रशिक्षण देकर नवाचार के लिए प्रोत्साहित करना है। नवाचार महोत्सव शिक्षकों को अपनी प्रतिभा और प्रयोग प्रदर्शित करने का मंच उपलब्ध करा रहा है।
महामाया राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य एवं निर्णायक मंडल के सदस्य धर्मेन्द्र कुमार गुप्त ने शिक्षकों के मॉडलों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि कई मॉडल प्रभावशाली हैं और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रस्तुत किया जा सकता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। महोत्सव प्राथमिक शिक्षक, उच्च प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक तथा शिक्षक प्रशिक्षक एवं डीएलएड प्रशिक्षु वर्ग में आयोजित किया गया। प्रत्येक वर्ग में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले नवाचारों का चयन कर उन्हें राज्य स्तर के लिए नामित किया जाएगा। महोत्सव का समन्वय प्रवक्ता ओमप्रकाश यादव, जितेन्द्र कुमार और इरशाद अहमद ने किया। आयोजन में जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का विशेष मार्गदर्शन रहा।
श्रावस्ती में शिक्षकों के नवाचार ने दिखाई नई राह:शिक्षकों ने प्रस्तुत किए शैक्षिक मॉडल, चार वर्गों में प्रतिभाओं को मिला सम्मान
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