
बलरामपुर में डायल-112 पुलिस टीम ने राप्ती नदी में कूदने का प्रयास कर रहे एक दंपति और उनके दो मासूम बच्चों को सुरक्षित बचा लिया। पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से एक पूरा परिवार बच गया। इस अच्छे काम के लिए पुलिस अधीक्षक बलरामपुर मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने टीम के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। यह घटना 26 अगस्त 2026 की रात करीब 9:27 बजे की है। डायल-112 को सूचना मिली कि कोतवाली नगर क्षेत्र के बिजलीपुर स्थित राप्ती नदी पुल के पास एक महिला और पुरुष अपने बच्चों के साथ नदी में कूदने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही PRV-6230 पर तैनात पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि दंपति अपने 7 वर्षीय और 3 वर्षीय बच्चों के साथ राप्ती नदी में कूदने की तैयारी में थे। हालात की गंभीरता को समझते हुए टीम ने बिना देर किए कार्रवाई की। अपनी सूझबूझ और हिम्मत से पुलिस टीम ने सभी को नदी में कूदने से रोक लिया और चारों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद घटना की सूचना तुरंत थाना प्रभारी कोतवाली नगर को दी गई। मौके पर पहुंचे परिजनों को परिवार को सुरक्षित सौंप दिया गया। इस सराहनीय काम के लिए डायल-112 टीम के कमांडर आरक्षी मनोज पाल और पायलट होमगार्ड चालक अशोक शुक्ला को पुलिस अधीक्षक बलरामपुर ने पुलिस कार्यालय में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। एसपी ने टीम की तत्परता, सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए ऐसे कार्यों को पुलिस सेवा की मानवीयता का अच्छा उदाहरण बताया। डायल-112 पुलिस की तेज कार्रवाई से एक परिवार की जिंदगी सुरक्षित बच सकी। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस टीम के इस मानवीय और सराहनीय काम की प्रशंसा की। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत डायल-112 पर सूचना दें। डायल-112 आमजन की सेवा और सुरक्षा के लिए 24 घंटे तैयार है।





























