सिद्धार्थनगर के इटवा नगर पंचायत में मंगलवार को दूसरे दिन अतिक्रमण हटाने का अभियान चला। दोपहर तीन बजे से शुरू हुए सांय तक चला इस अभियान में नगर पंचायत और तहसील प्रशासन की टीम शामिल थी। पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर की मदद से सड़कों और फुटपाथों पर हुए अवैध कब्जों को हटाया गया। शाम छह बजे तक चली इस कार्रवाई में सड़क किनारे से ठेले, गुमटी, टीन शेड और अस्थाई दुकानें हटाई गईं। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी शिव कुमार, नायब तहसीलदार बृजेन्द्र गुप्ता और नगर पंचायत के कर्मचारी इस अभियान में मौजूद रहे। टीम ने इटवा बिस्कोहर मार्ग समेत नगर पंचायत रास्तों से अतिक्रमण हटाया। दुकानदारों द्वारा सड़क और फुटपाथ पर सामान रखने या ठेले-गुमटी लगाने से आवागमन पर असर पड़ रहा था। इससे नगर में अक्सर जाम लग जाता था। प्रशासन ने अभियान शुरू करने से पहले लगातार तीन दिनों तक लाउडस्पीकर से लोगों को अतिक्रमण हटाने की सूचना दी थी। इसके बावजूद कब्जा नहीं हटाए जाने पर मंगलवार को यह कार्रवाई की गई। अतिक्रमण हटाने के दौरान सड़क किनारे मौजूद दुकानदारों में हलचल रही। प्रशासन की टीम ने रास्तों को अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ ही लोगों को दोबारा सड़क या फुटपाथ पर दुकान या कोई सामान न लगाने की चेतावनी दी। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के बाद अगर कोई व्यक्ति दोबारा सार्वजनिक सड़क या फुटपाथ पर कब्जा करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियम के अनुसार कार्रवाई होगी। प्रशासन का कहना है कि नगर पंचायत में यातायात व्यवस्था ठीक रखने और लोगों को जाम से राहत दिलाने के लिए अतिक्रमण विरोधी अभियान आगे भी जारी रहेगा।
अतिक्रमण पर चला बुलडोजर:इटवा में दूसरे दिन सड़क की पटरियों से ठेले-गुमटी और अस्थाई दुकानें हटाई गईं
सिद्धार्थनगर के इटवा नगर पंचायत में मंगलवार को दूसरे दिन अतिक्रमण हटाने का अभियान चला। दोपहर तीन बजे से शुरू हुए सांय तक चला इस अभियान में नगर पंचायत और तहसील प्रशासन की टीम शामिल थी। पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर की मदद से सड़कों और फुटपाथों पर हुए अवैध कब्जों को हटाया गया। शाम छह बजे तक चली इस कार्रवाई में सड़क किनारे से ठेले, गुमटी, टीन शेड और अस्थाई दुकानें हटाई गईं। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी शिव कुमार, नायब तहसीलदार बृजेन्द्र गुप्ता और नगर पंचायत के कर्मचारी इस अभियान में मौजूद रहे। टीम ने इटवा बिस्कोहर मार्ग समेत नगर पंचायत रास्तों से अतिक्रमण हटाया। दुकानदारों द्वारा सड़क और फुटपाथ पर सामान रखने या ठेले-गुमटी लगाने से आवागमन पर असर पड़ रहा था। इससे नगर में अक्सर जाम लग जाता था। प्रशासन ने अभियान शुरू करने से पहले लगातार तीन दिनों तक लाउडस्पीकर से लोगों को अतिक्रमण हटाने की सूचना दी थी। इसके बावजूद कब्जा नहीं हटाए जाने पर मंगलवार को यह कार्रवाई की गई। अतिक्रमण हटाने के दौरान सड़क किनारे मौजूद दुकानदारों में हलचल रही। प्रशासन की टीम ने रास्तों को अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ ही लोगों को दोबारा सड़क या फुटपाथ पर दुकान या कोई सामान न लगाने की चेतावनी दी। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के बाद अगर कोई व्यक्ति दोबारा सार्वजनिक सड़क या फुटपाथ पर कब्जा करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियम के अनुसार कार्रवाई होगी। प्रशासन का कहना है कि नगर पंचायत में यातायात व्यवस्था ठीक रखने और लोगों को जाम से राहत दिलाने के लिए अतिक्रमण विरोधी अभियान आगे भी जारी रहेगा।




























